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Lucknow News: पॉम ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से 75 फीसदी गिरी बिक्री

Wed, 04 Dec 2024 01:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 04 Dec 2024 01:50 PM IST
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Sales fell by 75 percent due to increase in import duty on palm oil.
लखनऊ। सरकार ने पॉम ऑयल पर 35 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी
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बढ़ाई तो शहर के खाद्य तेल से जुड़े कारोबारियों की बिक्री आधे से भी कम हो गई। कारोबारियों का कहना है कि नेपाली पॉम ऑयल की बढ़ी खपत से कारोबार टूट गया है। हर रोज 7-8 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। डेढ़ साल तक राहत देने के बाद सरकार ने फिर से इंपोर्ट ड्यूटी
लगा दी। इससे पिछले वर्षों के मुकाबले बिक्री महज 25 फीसदी ही रह गई है।
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खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े सिद्दार्थ गुप्ता बताते हैं कि नेपाली पॉम ऑयल की वजह से लखनऊ समेत पूरे प्रदेश का व्यापार चौपट हो रहा है। पॉम ऑयल के मुख्य उत्पादक देश इंडोनेशिया व मलेशिया हैं। इन देशों से जिन बंदरगाहों पर सोया या पॉम ऑयल उतरता है, वहां से कोई भी देश 100 रुपये प्रति लीटर में इन्हें खरीदता है। भारत व नेपाल भी इन बंदरगाहों से खाद्य तेल का उठान करता है।
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सितंबर से 35 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी
की वजह से पॉम व सोया ऑयल मंगाने पर हम लोगों को 135 रुपये का पड़ता है। नेपाल के कारोबारियों को यह 100 रुपये प्रति लीटर ही पड़ रहा है। नेपाल से भारत सामान आने में कोई इंपोर्ट ड्यूटी
नहीं है, इसलिए नेपाली कारोबारी भारत में तेल खपत कर मुनाफा कमा रहे हैं। जो खाद्य तेल नेपाल को 103 रुपये में पड़ रहा है उसे वह भारत में 135 रुपये में बेच रहे हैं।



डेढ़ साल बाद फिर से बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी

खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े व्यापारी बताते हैं कि दो साल पहले भी सरकार ने पॉम व सोया तेल पर 35 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी। कारोबारियों ने विरोध किया तो पहले 20 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी घटाई गई। बाद में फिर शेष 15 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी भी घटा दी गई। करीब डेढ़ साल तक इंपोर्ट ड्यूटी माफ रहने से कारोबार अच्छा चल रहा था। लेकिन, फिर से 35 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से हमारे व्यापार की कमर टूट गई है।

लखनऊ में हर रोज करीब 10 करोड़ का है कारोबार
लखनऊ व आसपास के ट्रेडर्स हर रोज करीब 60,000 टिन का व्यवसाय करते हैं जो कि अनुमानित 10 करोड़ रुपये रोजाना का है। नेपाल से भारत में हर रोज करीब 36 करोड़ रुपये का दो लाख टिन खाद्य तेल आ रहा है। इसमें सूरजमुखी, पॉम व सोया तेल शामिल हैं। जोकि नेपाल से मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में सप्लाई किया जा रहा है।



दो महीने में 30-40 रुपये बढ़े दाम
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से 130-40 रुपये प्रति लीटर वाला रिफाइंड 150-60 रुपया तो 120 रुपया प्रति लीटरवाला सोयाबीन तेल 150 रुपये में हो गया है। न्यू हैदराबाद के खुदरा किराना कारोबारी संतोष बताते हैं कि खाद्य तेलों की कमी भी है। हालांकि, सरसों के तेल की कीमत 160 रुपये तक बढ़कर अब घटी है। 150 रुपये में सरसों का तेल है। पांडेयगंज के खाद्य तेलों के थोक व्यापारी राजेंद्र गर्ग का कहना है कि 16 सितंबर से सोयाबीन, पॉमोलिन, सनफ्लॉवर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ी है। इससे पहले 2022 में 200 रुपये प्रति लीटर तक बिकने के बाद सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी घटाते-घटाते जीरो कर दी थी। इससे बाजार सस्ता हुआ, लेकिन अब फिर से महंगाई बढ़ गई है।
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