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ज्ञानवापी प्रकरण : संतों ने किया स्वागत, बोले- मुगल परंपरा का समापन, सनातन परंपरा की हो रही स्थापना

Mon, 12 Sep 2022 08:05 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 12 Sep 2022 08:05 PM IST
सार

संतों ने कहा कि अयोध्या मुक्त हो चुकी है अब मथुरा व काशी के मुक्त होने का भी समय आ गया है। संतों ने कहा कि कोर्ट ने जो निर्णय किया है उसके लिए सनातनधर्मियों को कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।

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Saints welcomed, said - Mughal tradition is ending, Sanatan tradition is being established
ज्ञानवापी परिसर और काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन के मामले में जिला अदालत मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज करते हुए कहा है कि मामला सुनने योग्य है। अदालत के फैसले के बाद हिंदू समाज में खुशी की लहर है। रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

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संतों का कहना है कि मुगल परंपरा का समापन व सनातन परंपरा की स्थापना का दौर अब शुरू हो चुका है। न्याय होना चाहिए, सत्य स्थापित होना चाहिए। संतों ने कहा कि अयोध्या मुक्त हो चुकी है अब मथुरा व काशी के मुक्त होने का भी समय आ गया है। संतों ने कहा कि कोर्ट ने जो निर्णय किया है उसके लिए सनातनधर्मियों को कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। वहीं विश्व हिंदू परिषद ने भी कहा कि सत्य को कब तक छिपाया जा सकता है, ज्ञानवापी का सच भी सबके सामने आने जा रहा है।
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हिंदू पक्ष की ही होगी जीत: सत्येंद्र दास
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि ज्ञानवापी के संबंध में जो कोर्ट ने आदेश दिया है वह एक और विजय का मार्ग प्रशस्त करेगा। कोर्ट ने सारे सूबतों को समझकर ही मुस्लिम पक्ष की दलील खारिज की है। सबूतों के आधार पर जल्द ही काशी के मामले का भी समाधान हो जाएगा,हिंदू पक्ष की ही जीत होगी।
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अब हो रहा हिंदुओं की जनास्था का पुनरोत्थान: वैदेही वल्लभ
महंत वैदेहीवल्लभ शरण ने कोर्ट के आदेश को ऐतिहासिक बताया। कहा कि देश के साधु-संतों में प्रसन्नता है। मुस्लिम आक्रांताओं के द्वारा हिंदुओं की जनास्था को विखंडित किया गया, उसके पुनरुत्थान का समय आ गया है। कहा कि मुगलों की परंपराओं का समापन होना चाहिए और राष्ट्रीय परंपरा की स्थापना होनी चाहिए।

जनआस्था के मौलिक सिद्धांतों की हो रही जीत: रामदिनेशाचार्य
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कोर्ट के आदेश को हिंदू जनआस्था के मौलिक सिद्धांतों की जीत बताया। कहा कि जनाआस्थाओं को तोड़कर बर्बरता पूर्वक मुगलों द्वारा साम्राज्य स्थापित किया गया। उसकी पुर्नस्थापना का समय अब आ गया है। कोर्ट धन्यवाद का पात्र है। इसके लिए समस्त सनातनधर्मियों को कोर्ट के प्रति सम्मान व आदरभाव प्रकट करना चाहिए।

अब मुक्त होने जा रही काशी व मथुरा: महंत गिरीशपति
महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक व धार्मिक परंपरा को नष्ट करन का प्रयास मुगल आंक्रांताओं द्वारा किया गया। मुगल काल में बहुत से मंदिर तोड़े गए, उनकी जगह मस्जिदें तामीर कराई गईं। पुरातन सांस्कृतिक विरासत के पुनरोद्धार का समय आ गया है। अयोध्या के बाद अब काशी व मथुरा भी मुक्त होने जा रही है।

हिंदुओं को मिलना चाहिए उनका अधिकार: शरद
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि अब काशी व मथुरा की बारी है। कितना भी प्रयास हो लेकिन सत्य को छिपाया नहीं जा सकता। विदेशी आक्रांताओं ने बलपूर्वक हिंदू समाज को अपमानित करने के लिए हमारे आस्था के केद्रों पर अतिक्रमण कर लिया। अब हिंदुओं को उनका अधिकार मिलना ही चाहिए।


कोर्ट के निर्णय पर कोई एतराज नहीं: इकबाल
मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि कोर्ट में सुनवाई होती ही है। कोर्ट ने सुनवाई का फैसला किया है, इस पर एतराज होना ही नहीं चाहिए। हम हिंदुस्तान के वासी हैं, यहां का संविधान मानते हैं, जो भी निर्णय आएगा उसी को मानेंगे। बाकी ऊपरी अदालत में जाने का भी रास्ता खुला है, यह भी अधिकारी संविधान से मिला है।

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