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रेजीडेंटों की नियुक्त में रोस्टर की अनदेखी
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सीनियर रेजीडेंटों की नियुक्ति में रोस्टर की अनदेखी
केजीएमयू में 312 सीनियर रेजीडेंटों की नियुक्ति का मामला
केजीएमयू में 312 सीनियर रेजीडेंटों की नियुक्ति मामले में रोस्टर का भी पालन नहीं किया गया। इस वजह से भी यह मामला उलझ गया है। अब विभागवार पदों के रोस्टर का विवरण खंगाला जा रहा है।
केजीएमयू में 312 सीनियर रेजीडेंट की नियुक्त की जा रही है। इसमें आरक्षण की अनदेखी करने के मामले में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने केजीएमयू कुलसचिव से आख्या मांगी है। पदों के निर्धारण में रोस्टर की भी अनदेखी की गई है। सीनियर रेजीडेंट के पद अस्थाई होते हैं। आरक्षण अधिनियम 1994 के अनुसार जारी हुए रोस्टर के तहत यदि किसी विभाग में सिर्फ तीन पद हैं तो पहले वर्ष सभी पद अनारक्षित रहेंगे। लेकिन अगले वर्ष चौथा पद अन्य पिछड़े वर्ग और पांचवां अनुसूचित, छठवां सामान्य वर्ग के लिए होना चाहिए। इस तरह पिछड़े वर्ग को 27 फीसदी, अनुसूचित जाति को 21 फीसदी और अनुसूचित जनजाति को दो फीसदी आरक्षण मिल पाएगा। प्रदेश सरकार जूनियर रेजीडेंट की नियुक्ति भी इसी रोस्टर के अनुसार कर रही है। इस संबंध में सीएमएस प्रोफेसर एसएन शंखवार ने बताया कि कुलसचिव कार्यालय मामले की पड़ताल में जुटा है। जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी।
आज होगी फोरम की बैठक
पिछड़ा वर्ग और अनसूचित जाति जनजाति के शिक्षक कर्मचारी फोरम की संयुक्त बैठक सोमवार दोपहर केजीएमयू में होगी। इसमें विभिन्न मेडिकल कॉलेज के शिक्षक एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे। इस दौरान विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में आरक्षण की अनदेखी मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी।
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केजीएमयू में 312 सीनियर रेजीडेंटों की नियुक्ति का मामला
केजीएमयू में 312 सीनियर रेजीडेंटों की नियुक्ति मामले में रोस्टर का भी पालन नहीं किया गया। इस वजह से भी यह मामला उलझ गया है। अब विभागवार पदों के रोस्टर का विवरण खंगाला जा रहा है।
केजीएमयू में 312 सीनियर रेजीडेंट की नियुक्त की जा रही है। इसमें आरक्षण की अनदेखी करने के मामले में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने केजीएमयू कुलसचिव से आख्या मांगी है। पदों के निर्धारण में रोस्टर की भी अनदेखी की गई है। सीनियर रेजीडेंट के पद अस्थाई होते हैं। आरक्षण अधिनियम 1994 के अनुसार जारी हुए रोस्टर के तहत यदि किसी विभाग में सिर्फ तीन पद हैं तो पहले वर्ष सभी पद अनारक्षित रहेंगे। लेकिन अगले वर्ष चौथा पद अन्य पिछड़े वर्ग और पांचवां अनुसूचित, छठवां सामान्य वर्ग के लिए होना चाहिए। इस तरह पिछड़े वर्ग को 27 फीसदी, अनुसूचित जाति को 21 फीसदी और अनुसूचित जनजाति को दो फीसदी आरक्षण मिल पाएगा। प्रदेश सरकार जूनियर रेजीडेंट की नियुक्ति भी इसी रोस्टर के अनुसार कर रही है। इस संबंध में सीएमएस प्रोफेसर एसएन शंखवार ने बताया कि कुलसचिव कार्यालय मामले की पड़ताल में जुटा है। जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी।
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आज होगी फोरम की बैठक
पिछड़ा वर्ग और अनसूचित जाति जनजाति के शिक्षक कर्मचारी फोरम की संयुक्त बैठक सोमवार दोपहर केजीएमयू में होगी। इसमें विभिन्न मेडिकल कॉलेज के शिक्षक एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे। इस दौरान विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में आरक्षण की अनदेखी मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी।
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