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बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब के घर हाईवोल्टेज ड्रामा, कोर्ट का आदेश लेकर हक मांगने पहुंची बहू

Thu, 24 May 2018 09:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Updated Thu, 24 May 2018 09:11 PM IST
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rukus over court order at hazi mahboob house in ayodhya.
घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala

बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार हाजी महबूब की बहू बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश लेकर अपना हक मांगने पहुंची। आदेश के क्रियान्यवन को लेकर थाना रामजन्मभूमि पुलिस घंटो हलकान रही। अंत में पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

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अयोध्या मामले के पक्षकार हाजी महबूब के बेटे और उनकी बहु में तलाक का मुकदमा चल रहा है। जिसमें बृहस्पतिवार को बहु सुप्रीम कोर्ट का आदेश लेकर अपना हक मांगने पहुंची। आदेश में न्यायालय ने बहु को घर में रखने और रसोई साझा करने का आदेश जारी किया है।
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जिसके क्रियान्वयन के लिए आरएम अयोध्या राजीव शुक्ला, सीओ अयोध्या राजकुमार साव, थाना रामजन्मभूमि पुलिस के साथ हाजी महबूब के आवास पर पहुंचे। घंटो चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस आदेश का क्रियान्वयन नहीं करा सकी और बैरंग लौट गई।
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हाजी महबूब ने बताया कि उनके पुत्र वकार की शादी 2004 में हुई थी। कुछ दिनों बाद बहु और बेटे में विवाद हो गया। जिसके बाद तलाक का मुकदमा चल रहा है।  हाजी का कहना है कि उन्होंने अपने पुत्र वकार को बेदखल कर दिया है। वकार लंबे समय से उनके साथ नहीं रहा है। इसलिए उनसे हमारा कोई लेना-देना नहीं। आरएम अयोध्या राजीव शुक्ला ने बताया कि माननीय न्यायालय का महिला को वकार के घर में प्रवेश दिलाने तथा एक साझा कमरा देने का आदेश है। जिनके अनुपालन का प्रयास किया गया, लेकिन हाजी महबूब द्वारा सामान्य परिस्थितियों में आदेश का अनुपालन नहीं कराया गया।

मामले में नहीं दिया गया बल प्रयोग का आदेश

rukus over court order at hazi mahboob house in ayodhya.
घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala

उनके द्वारा एक शपथ पत्र देकर यह बताया गया कि उनका बेटा उनके साथ नहीं रहता, न ही बेटे से उनका कोई संबंध है। कहा कि चूंकि आदेश में बल प्रयोग करने की बात नहीं है इसलिए बल प्रयोग करना संभव नहीं था। माननीय न्यायालय का आगे जो आदेश होगा उसका क्रियान्वयन कराया जाएगा।

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