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एंबुलेंस में कोरोना संक्रमितों संग संदिग्ध को बैठाया, हंगामा, महिला ने वीडियो बनाकर किया वायरल
Fri, 10 Jul 2020 04:36 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 10 Jul 2020 04:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
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लोकबंधु अस्पताल में बुधवार को कोरोना पॉजिटिव मरीजों और संदिग्ध लक्षण वाली महिला को एक ही एंबुलेंस में बैठाने को लेकर एक घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल तार-तार हो गया। पूरे मामले का वीडियो बनाकर महिला ने सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।
इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। वहीं, अफसरों का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज की हालत बिगड़ने पर बुधवार देर रात करीब 12 केजीएमयू रेफर कर दिया गया। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। 108 की एक गाड़ी करीब 11:30 अस्पताल गेट पर आकर खड़ी हुई।
मरीज को स्ट्रेचर से एंबुलेंस में लिटा दिया गया। तीमारदार उसके बगल में बैठ गया। एंबुलेंस में जगह न होने के बावजूद एक कोविड पॉजिटिव महिला मरीज व क्वारंटीन में रही उसकी बहन को भी एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा गया। महिला ने इसका विरोध किया तो अस्पतालकर्मियों ने उससे अभद्रता की। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
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इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। वहीं, अफसरों का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज की हालत बिगड़ने पर बुधवार देर रात करीब 12 केजीएमयू रेफर कर दिया गया। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। 108 की एक गाड़ी करीब 11:30 अस्पताल गेट पर आकर खड़ी हुई।
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मरीज को स्ट्रेचर से एंबुलेंस में लिटा दिया गया। तीमारदार उसके बगल में बैठ गया। एंबुलेंस में जगह न होने के बावजूद एक कोविड पॉजिटिव महिला मरीज व क्वारंटीन में रही उसकी बहन को भी एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा गया। महिला ने इसका विरोध किया तो अस्पतालकर्मियों ने उससे अभद्रता की। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
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कोरोना प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन
महिला ने मामले का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। एंबुलेंस में एसी भी नहीं चल रहा था। हाथ के पंखे से पसीना सुखाया जा रहा था। इसके बाद एंबुलेंसकर्मी चारों को एक गाड़ी में बैठाकर केजीएमयू ले गए। वहीं, सीएमओ प्रवक्ता योगेश ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज एक संग जा सकते हैं।
कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कोरोना मरीजों के बीच करीब डेढ़ मीटर की उचित दूरी होनी चाहिए। एंबुलेंस में उचित दूरी नहीं थी। ऐसे में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग लगातार कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहा है। इससे संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है।
संदिग्ध रोगी एक एंबुलेंस में एक साथ जा सकते हैं, मगर कोरोना पॉजिटिव रोगी एक साथ एंबुलेंस में नहीं जा सकते हैं। यह कोरोना प्रोटोकॉल के तहत गलत है। वीडियो की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी, स्वास्थ्य महानिदेशक
कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कोरोना मरीजों के बीच करीब डेढ़ मीटर की उचित दूरी होनी चाहिए। एंबुलेंस में उचित दूरी नहीं थी। ऐसे में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग लगातार कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहा है। इससे संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है।
संदिग्ध रोगी एक एंबुलेंस में एक साथ जा सकते हैं, मगर कोरोना पॉजिटिव रोगी एक साथ एंबुलेंस में नहीं जा सकते हैं। यह कोरोना प्रोटोकॉल के तहत गलत है। वीडियो की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी, स्वास्थ्य महानिदेशक