अयोध्या में युवक की हत्या पर बवाल, भड़के ग्रामीणों ने बसों में लगाई आग, लगा लंबा जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के बघेड़ी तालगांव संपर्क मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वो मवई थाने का हिस्ट्रीशीटर था। पिछली बार निर्दल विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। सड़क पर उसका शव पड़ा देख लोग भड़क उठे। नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक को खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस द्वारा शव उठा ले जाने से इतने उग्र हुए कि सुबह करीब 10 बजे लखनऊ फोरलेन हाईवे पर जाम लगा दिया।
हाईवे जाम होने के दो घंटे बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी के नहीं पहुंचने पर भीड़ ने सड़क पर टायर जलाकर उसमें आग लगा दी। इसके बाद जाम में खड़ी तीन सरकारी बसों से यात्रियों को उतारकर उसमें आग लगा दी। वहीं, भीड़ ने हाईवे पर खड़े कई चार पहिया वाहनों में भी तोड़फोड़ की।
इस दौरान मौके पर महज चार पुलिसकर्मी मौजूद थे। जिन्होंने आक्रोशित भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो भीड़ ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। सवा दो घंटे बाद 12:15 पर एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, सीओ धर्मेंद्र यादव भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचे तब भीड़ ने पुलिस बल पर ईंट-पत्थर भी चलाए।
इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और रबर की गोलियां भी चलाई। जिसके बाद भीड़ वहां से भाग खड़ी हुई। सूचना पर रामसनेहीघाट से पहुंचीं दमकल की गाड़ियों जल रही बसों की आग बुझाई। एनएचआई की टीम ने क्रेन से सभी बसों को हाईवे से बाहर हटवाकर यातायात बहाल करवाया। मामले में गांव के ही चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
उसकी बाइक सड़क पर दूसरी तरफ और शव अलग पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार पहले से घात लगाकर बैठे हत्यारों ने पहले उसे यूकेलिप्टस के दो मोटे डंडों के सहारे रोका और फिर उनके सिर पर गोली मार दी। इससे उसका सिर क्षत विक्षत हो गया व शरीर पर भी चोट के काफी निशान थे।
गांव के चौकीदार की सूचना पर मवई थाना प्रभारी विनोद कुमार, पटरंगा थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह और रुदौली कोतवाली प्रभारी विश्वनाथ यादव मौके पर दलबल के साथ पहुंचे। पुलिस ने लोगों की बढ़ती भीड़ को देखकर शव को कब्जे में लेकर आनन फानन उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी फैली।
इसी बीच मृतक विरंजन के दरवाजे पर पहुंचे रुदौली विधायक रामचंद्र यादव को ग्रामीणों व परिवारीजनों ने खदेड़ लिया, जिससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। विरंजन सिंह के भाई जिला पंचायत सदस्य राजू सिंह ने बताया कि बुधवार को उनका भाई घर से अपराह्न करीब तीन बजे निकला था।
रात करीब 10 बजे घर वालों से फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि तालगांव में हूं बस थोड़ी देर में घर पहुंच रहा हूं। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के ही शिवप्रसाद, बासुदेव व रजनपुर गांव के द्वारिका व उमेश आदि ने उनके भाई की हत्या की है।
बताया कि कुछ दिन पहले वासुदेव और शिव प्रसाद से उनके भाई से किसी बात को लेकर नोकझोंक हुई थी, उसके बाद से उन्हें कई बार घेरने की कोशिश भी हुई। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक के भाई राजू सिंह की तहरीर पर चार नामजद लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
लंबा है विरंजन का आपराधिक इतिहास
उसके बाद वर्ष 2006 में अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाने में जानलेवा हमला का केस, वर्ष 2007 में ईंट गुम्में चलाने व अवैध असलहा के साथ बवाल का, 2007 में मवई थाना में जानलेवा हमले का, मवई थाना में ही वर्ष 2009 में दो अलग-अलग केस, 2013 में रुदौली का बहुचर्चित मोल्हे हत्याकांड में केस दर्ज हुआ था।
इसके बाद रुदौली पुलिस ने उस पर 2014 में गैंगस्टर की कार्रवाई की। हालांकि पिछले वर्ष कोर्ट में हत्याकांड मामले में उसे बरी कर दिया है। वर्ष 2014 में ही बाराबंकी जिले के असंदरा थाना में जानलेवा हमला के आरोप में भी केस दर्ज हुआ था। बताया जाता है कि हत्या में आरोपी चारों लोग उसके पुराने साथी है। उनका भी आपराधिक इतिहास है।
वर्ष 2012 में लड़ चुका है विधानसभा चुनाव
उसके बाद वर्ष 2015-16 के पंचायत चुनाव में मवई द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपने छोटे भाई राजू सिंह को और अपने मित्र राजू रावत को मवई तृतीय से मैदान में उतारा और जीत हासिल की। इस बीच खुद ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की तैयारी में जुटा रहा और अपनी पत्नी ममता सिंह को बीडीसी का चुनाव जिताया। बाद में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव से पीछे कदम खींच लिया।
अगर समय से चेता होता प्रशासन तो नहीं होता बवाल
शव मिलने के बाद से ही गांव में एकत्र लोगों के अंदर गुस्सा सुलग रहा था। इसका आभास पुलिस को हो चुका था, इसके बाद भी पुलिस ने ऐहितयातन कोई कदम नहीं उठाया। वहीं, सूत्रों के अनुसार हाईवे जाम की सूचना एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार को करीब साढ़े दस बजे ही दे दी गई थी, जिस पर उन्होंने पुलिस व पीएसी को आधे घंटे में भेजने की बात कही थी।
उनके आश्वासन के दो घंटे बाद पुलिस के पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी। वहीं बवाल शांत होने के बाद डीएम अनुज कुमार झा, एसएसपी जोगेंद्र कुमार, एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार, रुदौली एसडीएम ज्योति सिंह पहुंचे और घटना की जानकारी ली। सीओ धर्मेंद्र यादव ने बताया कि हाईवे पर हुए बवाल की जांच की जाएगी, दंगा करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों को उठानी पड़ी मुसीबतें
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.