'भइयाजी' ने कराई बसपा नेता की हत्या, हंगामा!
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बिजली और खराब कानून-व्यवस्था पर विधान परिषद में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। बसपा सदस्यों ने खराब कानून-व्यवस्था पर सरकार को आड़े हाथों लिया। बसपा ने बसपा नेता की हत्या में किसी भइयाजी नाम के शख्स के होने की बात कही। वहीं, मामले पर जमकर हंगामा हुआ।
नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेश में हत्याओं का ग्राफ बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार आंख बंद किए है। इसलिए सदन की कार्यवाही रोककर इस पर चर्चा कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ में बसपा उम्मीदवार धर्मेंद्र चौधरी की हत्या कर दी गई। सत्तापक्ष के कुछ विधायक हत्यारों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। शूटरों ने पूछताछ में किसी भइयाजी की ओर इशारा किया है, लेकिन पुलिस उसके बारे में पता नहीं लगा रही है।
नेता सदन अहमद हसन ने बताया कि इस हत्याकांड में 15 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से सात को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार किसी को बचाने का प्रयास नहीं कर रही है। अगर घर वाले चाहते हैं तो इसकी जांच आईजी से करा ली जाएगी।
जबकि भाजपा ने वादे के मुताबिक बिजली न मिलने और ग्रामीण क्षेत्र में खराब ट्रांसफार्मर को ठीक कराने के नाम पर होने वाली वसूली पर सरकार को घेरते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
बसपा ने किया बहिर्गमन तो भाजपा ने बिजली मुद्दा उठाया
बसपा सदस्य इस पर संतुष्ट नहीं हुए और सीबीआई या एसटीएफ से जांच कराने की मांग करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। इस पर सभापति ने मामले की जांच एसटीएफ से कराने का निर्देश दिया।
भाजपा के हृदय नारायण दीक्षित ने प्रदेश में खराब बिजली आपूर्ति का मामला उठाते हुए कहा कि सरकारी अक्षमता और भ्रष्टाचार का बोझ बिजली की दरें बढ़ाकर जनता पर डाला जा रहा है। सरकार लाइन हानियां 28 प्रतिशत बता रही है, जबकि हकीकत में यह 40 प्रतिशत है।
वीआईपी इलाकों मैनपुरी, इटावा व कन्नौज में ही लाइन हानियां 70 प्रतिशत है। इस पर नेता सदन ने कहा कि लाइन हानियां कम की जा रही हैं।
सरकार बिजली आपूर्ति के पर्याप्त इंतजाम कर रही है, लेकिन केंद्र कोटे की बिजली और कोयला नहीं दे रहा है। इस पर सत्तापक्ष व भाजपा सदस्यों में नोकझोंक शुरू हो गई और भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।