फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Roadways: The chair of the officers frozen for 10-10 years started moving, for the first time, the removal campaign was started

रोडवेज : 10-10 साल से जमे अफसरों की हिलने लगी कुर्सी, पहली बार शुरू की गई हटाने की मुहिम

Fri, 10 Jun 2022 11:40 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 10 Jun 2022 11:40 AM IST
सार

मुख्यालय में अनगिनत कर्मचारी प्रमोशन पाकर अधिकारी बने, मगर मुख्यालय से नहीं हटे। ये कर्मचारी लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) से भर्ती हुए और प्रमोशन पाने के बाद भी मुख्यालय से बाहर तबादला नहीं हुआ।

विज्ञापन
Roadways: The chair of the officers frozen for 10-10 years started moving, for the first time, the removal campaign was started
यूपी रोडवेज - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

केस-एक

विज्ञापन

शिविर    अध्यक्ष
नाम    संतोष कुमार
मूल पद    सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
काबिज    निजी सचिव के पद पर

केस-दो
शिविर    अपर प्रबंध निदेशक
नाम    राम आसरे
मूल पद    सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
काबिज    निजी सचिव के पद पर


उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय में जो 10-10 साल से एक ही कुर्सी पर बैठे थे और जिनकी जी हुजूरी में बड़े-बड़े अधिकारी आगे-पीछे लगे रहते थे, अब उनकी कुर्सी हिलने लगी है। इसकी वजह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन साल से एक ही पद पर जमे अधिकारी एवं कर्मचारी को हटाने का निर्देश है। 

ऐसे निर्देश तो पहले भी दूसरी सरकारों में हुए मगर, अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक एवं अपर प्रबंध निदेशक ने अमल नहीं किया। इसके कारण उनके शिविर में निजी सचिव से सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का प्रमोशन पाने के बाद भी अधिकारी नहीं हटाए गए। ये उदाहरण बानगी भर भले हो, मगर मुख्यालय में ऐसे लोगों की तादाद अनगिनत है। इनको अब मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन) नरेंद्र सिंह ने नोटिस जारी कर तैनाती का   विकल्प भरने के लिए कहा है। इनमें अध्यक्ष शिविर के संतोष कुमार, प्रबंध निदेशक शिविर के नीरज कुमार, अपर प्रबंध निदेशक शिविर के राम आसरे के नाम भी शामिल हैं। निगम मुख्यालय में 15 से अधिक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अटैच है जबकि प्रदेश के डिपो खाली पड़े हैं। यहां पर सीनियर फोरमैन एवं यातायात अधीक्षक से काम चलाया जा रहा है। 
विज्ञापन


चार-चार प्रमोशन के बाद भी नहीं हटे
टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय में अनगिनत कर्मचारी प्रमोशन पाकर अधिकारी बने, मगर मुख्यालय से नहीं हटे। ये कर्मचारी लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) से भर्ती हुए और प्रमोशन पाने के बाद भी मुख्यालय से बाहर तबादला नहीं हुआ। मजेदार बात यह कि ये अधिकारी व कर्मचारी दूसरे कर्मियों एवं अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग तय करा देते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यालय में बह रही उल्टी गंगा
रोडवेज के तत्कालीन प्रधान प्रबंधक डीबी सिंह के आदेश पर प्रदेश भर में चेकिंग दस्ते से बेटिकट यात्रियों की जांच करने वाले वरिष्ठ लिपिकों को हटा दिया गया, जो क्षेत्रीय प्रबंधक के अधीन तैनात थे। मगर, मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिकों से अब भी यह जांच कराई जा रही है। 

सीट पटल शत-प्रतिशत बदलेगा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अमल करने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों का सीट पटल शत-प्रतिशत बदलेगा। इसके लिए सभी से विकल्प मांगे गए हैं।
- राजेंद्र प्रताप सिंह, प्रबंध निदेशक उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed