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लखनऊः नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में समीक्षा अधिकारी गिरफ्तार
Sat, 05 Sep 2020 12:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 05 Sep 2020 12:12 AM IST
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
पीजीआई पुलिस ने नौकरी दिलाने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य व सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात अजय यादव को शुक्रवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया। उस पर दुर्गेश यादव के गिरोह को सचिवालय में प्रवेश दिलाने से लेकर नौकरी दिलाने के फर्जीवाड़े में मदद करने का अरोप है।
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डीसीपी पूर्वी चारू निगम के मुताबिक सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात अजय यादव मूल रूप से मऊ के कोपागंज का रहने वाला है। वह महानगर की सचिवालय कालोनी में रहता है। उसका मकान वृंदावन कालोनी के सेक्टर-14 में है। इसी मकान में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सदस्य रहते थे।
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इस गिरोह के एक सदस्य दुर्गेश यादव की हत्या के आरोप में मनीष यादव व पलक ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं पुलिस को कमरे से कई दस्तावेज मिले जिनकी पड़ताल की गई तो पता चला कि नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।
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इस मकान में रहने वाले एटा के मानवेंद्र सिंह यादव व उसके भाई सोवेंद्र सिंह यादव, गोरखपुर के गोला निवासी संजीत कुमार और सहजनवां के तिलौरा निवासी अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया था। वहीं अजय यादव से कई चक्र की पूछताछ की गई। पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली तो इस गिरोह की मदद करने और योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई।
इसी काम के लिए इन जालसाजों को अजय यादव ने मकान दिया था। पुलिस ने उनके खिलाफ जालसाजी करने व साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी अजय यादव को गिरफ्तार करने में प्रभारी निरीक्षक पीजीआई के के मिश्रा, कांस्टेबल मोनू कुमार, अंकित कुमार व बालेश्वर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।