Book review: गुमराह और शोषित होने से बचाना चाहती हैं 'लाइफ मैनेजमेंट', 36 चैप्टरों में समाया जीवन का सार
Life Management: नवीन कृष्ण राय द्वारा लिखित यह किताब जीवन को देखने और समझने की नई दृष्टि देती है। यह किताब भारतीय लेखकों द्वारा इस विषय पर लिखी गई श्रेष्ठ किताबों में से एक किताब है।
विस्तार
शब्द की तरह इस विषय से जुड़ी जो किताबें हमें उपलब्ध थीं वह विदेशी मेटाफर और उदाहरणों के साथ मौजूद थीं। भारत में जीवन प्रबंधन से जुड़ी हुई स्तरीय किताबें न के बराबर रही हैं। जो किताबें हिंदी में उपलब्ध हैं वह दरअसल उन्हीं अंग्रेजी किताबों का सस्ता अनुवाद भर हैं। आईआईएम इंदौर से जुड़े मैनेजमेंट गुरू नवीन कृष्ण राय इस खालीपन को दूर करते हैं। हाल ही में मंजुल प्रकाशन से प्रकाशित हुई उनकी किताब 'लाइफ मैनेजमेंट' आपको जीवन को देखने, आसपास के लोगों को समझने और उनके नजरिए को तौलने की एक नई दृष्टि देती है। एक मजबूत, निरपेक्ष और कुछ हद तक शातिर दृष्टि।
किताब की टैग लाइन है 'गुमराह ओर शोषित होने से बचें'। नवीन आपको इस दुनिया में खुद को स्थापित करने की कला तो सिखाते ही हैं साथ ही वह यह भी सिखाने की कोशिश करते हैं कि आप कैसे दूसरे के उपयोग की वस्तु न बन जाएं। नवीन यह बात ठीक ही समझते हैं कि आप शोषित होते रहे हैं। कभी अपनी मर्जी, कभी मजबूरी तो कभी नसामझी में। लेखक की ख्वाहिश यही है कि वह आपको कुछ हथियार दे। आज के जमाने के। कुछ एंटीबॉडी ओर एंटी बॉयोटिक दे। दरअसल आपके माता-पिता और परवरिश ने आपको इस दुनिया से डील करने के लिए जो हथियार दिए थे जब आप बड़े हुए तो आपने पाया कि वह हथियार एक्सपायर हो चुके थे।
36 चैप्टरों में समाई दुनिया की नई सीख
नवीन बहुत स्पष्ट हैं। वह सिर्फ आपके साथ खड़े दिखना चाहते हैं। इसे उनके किताब के चैप्टरों से समझ सकते हैं। "जीवन में तेज चलना हो तो अनावश्यक जिम्मेदारियां लेने से बचें, मुरव्वत में किसी की बात न माने, मुलाकात के अंत में अपना उदेश्य जरूर बताएं, सभी की इज्जत करें पर अंधविश्वास नहीं, अपने गॉडफादर से अनासक्त रहें, स्वयं के साथ अन्याय न करें, कम महत्वपूर्ण कार्यों को स्वयं न करें। ये शीर्षकों की कुछ बानगियां हैं। नवीन एक बात साफ कर देना चाहते हैं कि आपके पास जो अपना खुद का सपना है उसे पूरा करें। किसी के सपने को पूरा करने का टूल न बनें।
निजी जिंदगी की कहानियां
नवीन अपनी बातों को कहने के लिए कोरी आदर्श भरी बातें नहीं करते हैं। वह अपने देखे और भोगे हुए जीवन से किस्से चुनकर लाते हैं। उन किस्सों के मार्फत अपनी बात कहना चाहते हैं। उन कहानियों को पढ़कर आप खुद इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि जो बात आपको पहले बहुत स्वार्थी लग रही थी वह दरअसल कितनी बैलेसिंग हैं।
दुनिया भर की थ्योरी को समाहित
नवीन की इस किताब में मेहनत और साधना दिखती है। इस किताब से गुजरते हुए आप पाएंगे कि पश्चिम के देशों में लिखी गईं मैनेजमेंट की सैकड़ों किताबों से नवीन दृष्टांट और किस्से आपके लिए चुनकर लाते हैं। यह किस्से किताब को तो मजबूत करते ही हैं आपके अंदर भी चीजों को देखने का 360 डिग्री का नजरिया देते हैं। इसमें सिर्फ लेखक शामिल नहीं हैं। बहुत सारे विचारक और दर्शनशात्रियों की बात भी इस किताब के जरिए आप तक पहुंचती है।
धार्मिक धर्मग्रंथों की उम्दा इस्तेमाल
हमारे धर्मग्रंथ सिर्फ पूजे गए, लाल कपड़ों में लपेटकर उनका चंदन-टीका हुआ। उनमें लिखी हुई बातों को समझने की कोशिश तार्किक ढंग से नहीं की गई। नवीन यह कुशल कोशिश करते हुए दिखते हैं। महाभारत, गीता, रामायण सहित कई धर्मग्रंथों की चुनिंदा बातें आकर्षक तरीके से आप तक पहुंचती हैं। अंत में यह कहा जा सकता है कि नवीन की यह किताब आपको बेहतर इंसान बनाने के साथ-साथ एक समझदार इंसान बनाने में मदद करती है। आप खुद साजिश करें या न करें दूसरों की साजिशों को समझने का नजरिया देती है।