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यूपी: रिश्वतखोरी में राजस्व कर्मी अव्वल, पुलिस दूसरे नंबर पर
Mon, 14 Oct 2019 06:28 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 14 Oct 2019 06:28 AM IST
सार
- बीते नौ महीने में भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने किए 78 ट्रैप
- शिक्षा विभाग के आठ बाबू भी धरे गए रिश्वत लेते
- पिछले वर्ष पूरे 12 महीने में कुल 80 ट्रैप किए गए थे
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रिश्वत खोरी के लिए पुलिस भले ही बदनाम हो, लेकिन इस मामले में राजस्व विभाग के कर्मी नंबर एक पर हैं। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से एक जनवरी से अब तक किए गए 78 ट्रैप में लगभग 40 प्रतिशत मामले अकेले राजस्व विभाग के हैं। जबकि पुलिस के नौ और शिक्षा विभाग के आठ मामले रिश्वतखोरी के सामने आए।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि इस वर्ष भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के क्रम में रिश्वत खोरी के रिकार्ड 78 मामले सामने आए हैं। रिश्वत खोरी के जो भी मामले सामने आए हैं उसमें सबसे अधिक 30 मामले राजस्व विभाग के हैं। इसमें दो हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की रिश्वत लेते हुए लेखपाल व तहसील के बाबू पकड़े गए हैं। पुलिस के कुल नौ मामले इन नौ महीनों में सामने आए हैं। इसमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक 17 सौ रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक के मामले सामने आए। शिक्षा विभाग के आठ लोग रिश्वत लेते धरे गए। इसमें एक हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए।
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रिश्वत खोरी का सबसे बड़ा मामला नगर विकास विभाग का था, जिसमें चार लाख रुपये की रिश्वत के साथ नगर पालिका परिषद के एक बाबू को गिरफ्तार किया गया था। वहीं मुजफ्फरनगर में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिपिक सुनील कुमार को भी भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अन्य विभागों में पंचायती राज और उर्जा विभाग के चार-चार कर्मी रिश्वत लेते रंगे हाथ धरे गए।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एडीजी जकी अहमद बताते हैं कि इस वर्ष (नौ महीने 10 दिन में) अब तक 78 सफल ट्रैप भ्रष्टचार निवारण संगठन द्वारा किए गए हैं। इस वर्ष यह आंकड़ा सौ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। पिछले वर्ष पूरे 12 महीने में कुल 80 ट्रैप किए गए थे। जिसमें सबसे अधिक राजस्व विभाग के 27, बिजली विभाग के नौ और पुलिस विभाग के सात कर्मी रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े गए थे, जिन्हें जेल भेजा गया था।