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KGMU: बेटा गिड़गिड़ाता रहा पर रिटायर जज को ट्रामा सेंटर में नहीं किया गया भर्ती, निजी अस्पताल लाए गए
Sat, 26 Aug 2023 01:30 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:30 PM IST
सार
लखनऊ के केजीएमयू में एक रिटायर जज की हालत खराब होने के बावजूद उन्हें ऑक्सीजन बेड खाली न होने की बात कहकर लौटा दिया गया। मरीज को बलरामपुर अस्पताल में भी इमरजेंसी बेड नहीं मिला।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
केजीएमयू में भर्ती होने के लिए लाए गए बीमार रिटायर जज को नॉन पीजी जेआर ने ऑक्सीजन बेड खाली न होने की बात कहकर वापस लौटा दिया। इस दौरान उनका बेटा डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाता रहा पर कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजन उन्हें लेकर बलरामपुर अस्पताल गए पर वहां भी उन्हें निराश होना पड़ा। जज को सरकारी एंबुलेंस से लाया गया था पर हर जगह से निराश होने के बाद परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। अब रिटायर जज की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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रायबरेली के निराला नगर निवासी राम चंद्र शुक्ल रिटायर जज हैं। उनके पुत्र अनिल शुक्ल का कहना है कि पिता जी को हॉर्निया की पुरानी बीमारी है। शुक्रवार सुबह उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने फेफड़ों में संक्रमण होने की बात कही और रायबरेली एम्स ले जाने की सलाह दी।
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रायबरेली एम्स में डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया जिस पर परिजन उन्हें लेकर रात 10 बजे केजीएमयू पहुंचे। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद पर्चा बना तब एंबुलेंस से उतारकर उन्हें कैजुअल्टी ले जाया गया। यहां पर उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत बताई गई। बेड खाली न होने की बात कहकर उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया गया।
पुत्र अनिल ने बताया कि पिताजी के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता जा रहा था। केजीएमयू से लेकर उन्हें बलरामपुर अस्पताल ले गए पर वहां भी इमरजेंसी बेड नहीं मिला। उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी तो उन्हें रात करीब 12 बजे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।