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Lucknow News: सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर व एक अन्य से 13.40 लाख की साइबर ठगी
Thu, 01 Oct 2026 02:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:38 AM IST
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो लोगों से 13.40 लाख रुपये ठग लिए। एक मामले में ठग ने खुद को बैंककर्मी बताकर बैंक खाते की जानकारी हासिल कर रकम निकाली, जबकि दूसरे में एपीके फाइल डाउनलोड होने के बाद खाते से रुपये निकाले गए। दोनों पीड़ितों ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है।
पीजीआई के तेलीबाग निवासी गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2016 में वह अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग से इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ दिन पहले दोपहर करीब एक बजे अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया और पेंशनर्स कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म भरने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने उसने बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके और उनकी पत्नी के बैंक ऑफ इंडिया के खातों से कई बार में 6.40 लाख रुपये निकाल लिए।
वहीं, मड़ियांव के प्रीति नगर निवासी भूपेश कुमार के मुताबिक, 15 सितंबर को फेसबुक चलाते समय उनसे गलती से एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। 27 सितंबर को बैंक पहुंचने पर पता चला कि 17 से 25 सितंबर के बीच उनके खाते से कई बार में सात लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
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इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर रकम फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। ठगों का भी पता लगाया जा रहा है।
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पीजीआई के तेलीबाग निवासी गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2016 में वह अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग से इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ दिन पहले दोपहर करीब एक बजे अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया और पेंशनर्स कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म भरने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने उसने बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके और उनकी पत्नी के बैंक ऑफ इंडिया के खातों से कई बार में 6.40 लाख रुपये निकाल लिए।
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वहीं, मड़ियांव के प्रीति नगर निवासी भूपेश कुमार के मुताबिक, 15 सितंबर को फेसबुक चलाते समय उनसे गलती से एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। 27 सितंबर को बैंक पहुंचने पर पता चला कि 17 से 25 सितंबर के बीच उनके खाते से कई बार में सात लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
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इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर रकम फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। ठगों का भी पता लगाया जा रहा है।