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स्वाद के शौकीनों से रेस्टोरेंट और बची सहालग से होटल गुलजार
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राजधानी में स्वाद के शौकीनों और सहालग के चलते रेस्टोरेंट व होटल कारोबार का बाजार एक बार फिर गुलजार है।
कारोबारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों की वजह से लोगों का झुकाव अब ब्रांड की ओर है। यही वजह है कि लोग रेस्टोरेंट का रुख कर रहे हैं।
वहीं, होटल कारोबार में दैनिक मेहमान तो नहीं, लेकिन बची सहालग के चलते प्रमुख होटल बुक बताए जा रहे हैं।
कारोबारियों का कहना है कि यदि रात नौ बजे की समय सीमा समाप्त कर दें या वीकेंड लॉकडाउन खत्म कर इसे भी रात नौ बजे तक की समय सीमा में बांध दें तो कारोबार पूरी तरह से पटर पर आ जाएगा।
संकट तो सहालग के बाद आएगा
कारोबारी विष्णु गुप्ता कहते हैं कि इस बार डोर डिलीवरी जारी रहने से डाइनिंग की कमी होने के बावजूद बिजनेस की गाड़ी आगे बढ़ती रही। रेस्टोरेंट खुले तो डाइनिंग शुरू हो गई। 80 फीसदी तक कारोबार पटरी पर आ चुका है। डोर-टू-डोर डिलीवरी देने वाली कंपनी का कहना है कि लोगों ने लोकल ब्रांड से किनारा किया है। होटल को सहालग की बुकिंग मिल रही है। संकट इसके बाद आएगा।
होटल फुल, रेस्टोरेंट के ग्राहकाें की वापसी
कारोबारी स्रजल गुप्ता कहते हैं कि जहां तक मेरा अनुमान है सहालग के चलते प्रमुख होटल फुल हैं। लोग आयोजन टालने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि तीसरी लहर की आशंका से सभी डरे हुए हैं। रेस्टोरेंट में डाइनिंग पर ज्यादा जोर है। हम चाहते हैं कि ग्राहक आएं। बिजनेस पूरी तरह से संभल गया है। कुछ कमी वीकेंड लॉकडाउन और रात नौ बजे के बाद की समय सीमा के कारण है, वो भी दूर हो जाएगी।
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वीकेंड लॉकडाउन अब खत्म होना चाहिए
कारोबारी अभिषेक गुप्ता कहते हैं कि बिजनेस अपनी पूरी रफ्तार पर है। ग्राहक भी हैं बाजार में। जो थोड़ी कमी है वो वीकेंड लाकडाउन और रात नौ बजे तक की समय सीमा के कारण है। यदि वीकेंड लाकडाउन खत्म कर दें या उसे रात नौ बजे की समय तक कर दें तो भी राहत मिलेगी।
अब यह रफ्तार बनी रहे तो बेहतर
कारोबारी तीसरी लहर की आशंका से बुरी तरह डरे भी हैं। उत्कर्ष गुप्ता कहते हैं कि बाजार तो अपनी रफ्तार पकड़ चुका है। चाहे स्वीट्स कारोबार हो, बेकरी या फिर रेस्टोरेंट, ग्राहक सभी सेगमेंट को मिल रहे हैं। बस ये स्थिति बनी रहे, क्योंकि पिछले साल भी जैसे ही बिजनेस बढ़ने लगा था, फिर से कोरोना आ गया था।
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कारोबारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों की वजह से लोगों का झुकाव अब ब्रांड की ओर है। यही वजह है कि लोग रेस्टोरेंट का रुख कर रहे हैं।
वहीं, होटल कारोबार में दैनिक मेहमान तो नहीं, लेकिन बची सहालग के चलते प्रमुख होटल बुक बताए जा रहे हैं।
कारोबारियों का कहना है कि यदि रात नौ बजे की समय सीमा समाप्त कर दें या वीकेंड लॉकडाउन खत्म कर इसे भी रात नौ बजे तक की समय सीमा में बांध दें तो कारोबार पूरी तरह से पटर पर आ जाएगा।
संकट तो सहालग के बाद आएगा
कारोबारी विष्णु गुप्ता कहते हैं कि इस बार डोर डिलीवरी जारी रहने से डाइनिंग की कमी होने के बावजूद बिजनेस की गाड़ी आगे बढ़ती रही। रेस्टोरेंट खुले तो डाइनिंग शुरू हो गई। 80 फीसदी तक कारोबार पटरी पर आ चुका है। डोर-टू-डोर डिलीवरी देने वाली कंपनी का कहना है कि लोगों ने लोकल ब्रांड से किनारा किया है। होटल को सहालग की बुकिंग मिल रही है। संकट इसके बाद आएगा।
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होटल फुल, रेस्टोरेंट के ग्राहकाें की वापसी
कारोबारी स्रजल गुप्ता कहते हैं कि जहां तक मेरा अनुमान है सहालग के चलते प्रमुख होटल फुल हैं। लोग आयोजन टालने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि तीसरी लहर की आशंका से सभी डरे हुए हैं। रेस्टोरेंट में डाइनिंग पर ज्यादा जोर है। हम चाहते हैं कि ग्राहक आएं। बिजनेस पूरी तरह से संभल गया है। कुछ कमी वीकेंड लॉकडाउन और रात नौ बजे के बाद की समय सीमा के कारण है, वो भी दूर हो जाएगी।
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वीकेंड लॉकडाउन अब खत्म होना चाहिए
कारोबारी अभिषेक गुप्ता कहते हैं कि बिजनेस अपनी पूरी रफ्तार पर है। ग्राहक भी हैं बाजार में। जो थोड़ी कमी है वो वीकेंड लाकडाउन और रात नौ बजे तक की समय सीमा के कारण है। यदि वीकेंड लाकडाउन खत्म कर दें या उसे रात नौ बजे की समय तक कर दें तो भी राहत मिलेगी।
अब यह रफ्तार बनी रहे तो बेहतर
कारोबारी तीसरी लहर की आशंका से बुरी तरह डरे भी हैं। उत्कर्ष गुप्ता कहते हैं कि बाजार तो अपनी रफ्तार पकड़ चुका है। चाहे स्वीट्स कारोबार हो, बेकरी या फिर रेस्टोरेंट, ग्राहक सभी सेगमेंट को मिल रहे हैं। बस ये स्थिति बनी रहे, क्योंकि पिछले साल भी जैसे ही बिजनेस बढ़ने लगा था, फिर से कोरोना आ गया था।