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Lucknow News: साइकिलिंग और केटलबेल से दुरुस्त हो गई दिल की सेहत
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लखनऊ। साइकिलिंग और केटलबेल का व्यायाम एक साथ करने से शरीर के साथ ही दिल की सेहत भी दुरुस्त रहती है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के फिजियोलॉजी विभाग में हुए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। यह अध्ययन एनाल्स ऑफ अफ्रीकन मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन अमर पैसल, एहसन अहमद, आकिब हुसैन अंसारी, दिलीप कुमार वर्मा और प्रो. श्रद्धा सिंह ने किया। इसमें 64 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इनकी आयु 18 से 35 साल के बीच थी और किसी को दिल या फिर कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। प्रतिभागियों को दो समूह में बांटा गया।
पहले समूह को केटलबेल व्यायाम कराया गया और दूसरे समूह को 10 मिनट तक साइकिलिंग करने के लिए कहा गया। दोनों समूह के प्रतिभागियों की व्यायाम और साइकिलिंग से पहले और बाद में जांच की गई। इसमें पाया गया कि व्यायाम के बाद दिल की धड़कन 55 से 58 फीसदी तक बढ़ गई, लेकिन दिल की उच्च और निम्न आवृत्ति की दर कम हो गई। दिल की उच्च और निम्न आवृत्ति ही हार्ट अटैक का कारण बनती है। साइकिलिंग और केटलबेल एक साथ करने पर इसका खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
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30 मिनट टहलने से 50 फीसदी कम होता है हार्ट अटैक का खतरा
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अक्षय प्रधान के मुताबिक, नियमित रूप से 30 मिनट टहलने से हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी तक कम हो जाता है। उनके मुताबिक, पश्चिमी देशों के मुकाबले अपने यहां दिल की बीमारी दस साल पहले आ जाती है। इसकी वजह खराब जीवनशैली, लोगों में बीपी-शुगर के साथ ही कोलेस्ट्रॉल की समस्या होना भी है।
एक साल में 14 फीसदी बढ़े हार्ट अटैक से मौत के मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में हार्ट अटैक से कुल 32,457 मौतें हुईं, जबकि वर्ष 2021 में हार्ट अटैक से मौतों की संख्या 28,413 थी। इस तरह से एक साल में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का आंकड़ा करीब 14 फीसदी बढ़ गया। मातृ मृत्यु में भी हृदय रोग एक बड़ा कारण है। वर्ष 2022-2023 में मातृ मृत्यु में हृदय रोग का प्रतिशत 9.6 फीसदी था।
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अध्ययन अमर पैसल, एहसन अहमद, आकिब हुसैन अंसारी, दिलीप कुमार वर्मा और प्रो. श्रद्धा सिंह ने किया। इसमें 64 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इनकी आयु 18 से 35 साल के बीच थी और किसी को दिल या फिर कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। प्रतिभागियों को दो समूह में बांटा गया।
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पहले समूह को केटलबेल व्यायाम कराया गया और दूसरे समूह को 10 मिनट तक साइकिलिंग करने के लिए कहा गया। दोनों समूह के प्रतिभागियों की व्यायाम और साइकिलिंग से पहले और बाद में जांच की गई। इसमें पाया गया कि व्यायाम के बाद दिल की धड़कन 55 से 58 फीसदी तक बढ़ गई, लेकिन दिल की उच्च और निम्न आवृत्ति की दर कम हो गई। दिल की उच्च और निम्न आवृत्ति ही हार्ट अटैक का कारण बनती है। साइकिलिंग और केटलबेल एक साथ करने पर इसका खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
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30 मिनट टहलने से 50 फीसदी कम होता है हार्ट अटैक का खतरा
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अक्षय प्रधान के मुताबिक, नियमित रूप से 30 मिनट टहलने से हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी तक कम हो जाता है। उनके मुताबिक, पश्चिमी देशों के मुकाबले अपने यहां दिल की बीमारी दस साल पहले आ जाती है। इसकी वजह खराब जीवनशैली, लोगों में बीपी-शुगर के साथ ही कोलेस्ट्रॉल की समस्या होना भी है।
एक साल में 14 फीसदी बढ़े हार्ट अटैक से मौत के मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में हार्ट अटैक से कुल 32,457 मौतें हुईं, जबकि वर्ष 2021 में हार्ट अटैक से मौतों की संख्या 28,413 थी। इस तरह से एक साल में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का आंकड़ा करीब 14 फीसदी बढ़ गया। मातृ मृत्यु में भी हृदय रोग एक बड़ा कारण है। वर्ष 2022-2023 में मातृ मृत्यु में हृदय रोग का प्रतिशत 9.6 फीसदी था।