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Lucknow News: समाज के हित में हो शोध का इस्तेमाल
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग में सोमवार को ऊर्जा, पर्यावरण और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मल्टीफंक्शनल मैटेरियल्स फॉर एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (एनसीएमएमईएसडी-2026) में देशभर के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने चर्चा की। कुलपति जेपी सैनी ने शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर समाज के काम लाने पर जोर दिया।
कुलपति ने कहा कि शोध को केवल अकादमिक जर्नल तक सीमित न रखकर जनकल्याण से जोड़ना जरूरी है। सम्मेलन में ग्रेफीन, कंपाउंड सेमीकंडक्टर, हरित नैनो टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक चिप और लिथियम-आयन बैटरी जैसी आधुनिक तकनीकों पर विचार रखे गए। मुख्य अतिथि ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि के कुलपति अजय तनेजा ने ग्रेफीन की क्षमताओं की जानकारी दी। डीआरडीओ के पूर्व निदेशक भुवनेश कुमार ने शोध परियोजनाओं के वित्तपोषण में तकनीकी तैयारी स्तर (टीआरएल) के महत्व को समझाया। उन्होंने वैज्ञानिकों से 2040 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए काम करने का आह्वान किया।
सागर एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एनएस गजभिये ने इलेक्ट्रॉनिक चिप और लिथियम-आयन बैटरी के विकास पर विचार रखे। इंडियन एसोसिएशन ऑफ सॉलिड-स्टेट केमिस्ट्स एंड अलाइड साइंटिस्ट्स के अध्यक्ष एनबी सिंह ने हरित नैनो टेक्नोलॉजी की जानकारी दी। दिल्ली विवि की सरोज शुक्ला ने प्लास्टिक कचरे की समस्या के समाधान पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। ताइवान से पोस्टडॉक्टोरल शोधार्थी स्तुति श्रीवास्तव ने निकेल ऑक्साइड पतली फिल्म आधारित हाइड्रोजन सल्फाइड सेंसर पर ऑनलाइन प्रस्तुति दी।
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कुलपति ने कहा कि शोध को केवल अकादमिक जर्नल तक सीमित न रखकर जनकल्याण से जोड़ना जरूरी है। सम्मेलन में ग्रेफीन, कंपाउंड सेमीकंडक्टर, हरित नैनो टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक चिप और लिथियम-आयन बैटरी जैसी आधुनिक तकनीकों पर विचार रखे गए। मुख्य अतिथि ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि के कुलपति अजय तनेजा ने ग्रेफीन की क्षमताओं की जानकारी दी। डीआरडीओ के पूर्व निदेशक भुवनेश कुमार ने शोध परियोजनाओं के वित्तपोषण में तकनीकी तैयारी स्तर (टीआरएल) के महत्व को समझाया। उन्होंने वैज्ञानिकों से 2040 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए काम करने का आह्वान किया।
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सागर एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एनएस गजभिये ने इलेक्ट्रॉनिक चिप और लिथियम-आयन बैटरी के विकास पर विचार रखे। इंडियन एसोसिएशन ऑफ सॉलिड-स्टेट केमिस्ट्स एंड अलाइड साइंटिस्ट्स के अध्यक्ष एनबी सिंह ने हरित नैनो टेक्नोलॉजी की जानकारी दी। दिल्ली विवि की सरोज शुक्ला ने प्लास्टिक कचरे की समस्या के समाधान पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। ताइवान से पोस्टडॉक्टोरल शोधार्थी स्तुति श्रीवास्तव ने निकेल ऑक्साइड पतली फिल्म आधारित हाइड्रोजन सल्फाइड सेंसर पर ऑनलाइन प्रस्तुति दी।
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