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रेरा ने पार्थ बिलडर की काटी 11 लाख रुपये की आरसी
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रेरा ने पार्थ बिल्डर की काटी 11 लाख रुपये की आरसी, डीएम को भेजी कार्रवाई के लिए आदेश की कॉपी
रेरा ने पार्थ बिल्डर के खिलाफ 11 लाख रुपये का वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी की है। साथ ही डीएम को आरसी के मुताबिक बकाये की वसूली कर प्राधिकरण के खाते में जमा कराने को कहा है।
रेरा ने यह कार्रवाई आवंटी निवेदिता सूरी व सुगंधा सूरी की फ्लैट खरीदने के लिए जमा धनराशि वापस नहीं करने के बाद की है।
रेरा ने 29 जनवरी 2019 को पार्थ इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आदेश जारी कर ब्याज सहित पैसा लौटाने का आदेश दिया था। बिल्डर कंपनी को 11.07 लाख रुपये लौटाने थे।
45 दिन में आदेश का अनुपालन न होने पर शिकायतकर्ता ने रेरा से आदेश का क्रियान्वयन कराने को अपील की थी। इसके बाद रेरा ने अब आरसी जारी कर डीएम को वसूली के लिए आदेश दिया है।
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इसमें 8.12 लाख रुपये मूल जमा और 2.95 लाख रुपये ब्याज की धनराशि है। रेरा सचिव अबरार अहमद के मुताबिक डीएम को बिल्डर के खिलाफ वसूली की यह कार्रवाई भू-राजस्व के बकाये के रूप में करनी होगी।
कंपनी के चेयरमैन और निदेशक इस धनराशि को चुकाने केलिए उत्तरदायी हैं। वसूली के बाद डीएम रेरा के नाम बैंक ड्राफ्ट बनाकर सूचना उपलब्ध कराएंगे।
पार्थ के खिलाफ आरसी की पहली कार्रवाई
रेरा के अधिकारियों के मुताबिक पार्थ बिल्डर के खिलाफ आरसी जारी करने की यह पहली कार्रवाई है। इससे पहले बिल्डर पर रेरा के आदेश का मखौल उड़ाने का आरोप आवंटी लगा चुके हैं। रेरा के आदेश के मुताबिक, विलंब शुल्क देकर मनमाने तरीके से खुद के प्रोजेक्ट पूर्व में ही पूरा हो जाने की सूचना बिल्डर ने आवंटियों को भेज दी थी। इस सूचना में आवंटियों और एलडीए को ही कटघरे में खड़ा किया था।
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रेरा ने पार्थ बिल्डर के खिलाफ 11 लाख रुपये का वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी की है। साथ ही डीएम को आरसी के मुताबिक बकाये की वसूली कर प्राधिकरण के खाते में जमा कराने को कहा है।
रेरा ने यह कार्रवाई आवंटी निवेदिता सूरी व सुगंधा सूरी की फ्लैट खरीदने के लिए जमा धनराशि वापस नहीं करने के बाद की है।
रेरा ने 29 जनवरी 2019 को पार्थ इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आदेश जारी कर ब्याज सहित पैसा लौटाने का आदेश दिया था। बिल्डर कंपनी को 11.07 लाख रुपये लौटाने थे।
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45 दिन में आदेश का अनुपालन न होने पर शिकायतकर्ता ने रेरा से आदेश का क्रियान्वयन कराने को अपील की थी। इसके बाद रेरा ने अब आरसी जारी कर डीएम को वसूली के लिए आदेश दिया है।
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इसमें 8.12 लाख रुपये मूल जमा और 2.95 लाख रुपये ब्याज की धनराशि है। रेरा सचिव अबरार अहमद के मुताबिक डीएम को बिल्डर के खिलाफ वसूली की यह कार्रवाई भू-राजस्व के बकाये के रूप में करनी होगी।
कंपनी के चेयरमैन और निदेशक इस धनराशि को चुकाने केलिए उत्तरदायी हैं। वसूली के बाद डीएम रेरा के नाम बैंक ड्राफ्ट बनाकर सूचना उपलब्ध कराएंगे।
पार्थ के खिलाफ आरसी की पहली कार्रवाई
रेरा के अधिकारियों के मुताबिक पार्थ बिल्डर के खिलाफ आरसी जारी करने की यह पहली कार्रवाई है। इससे पहले बिल्डर पर रेरा के आदेश का मखौल उड़ाने का आरोप आवंटी लगा चुके हैं। रेरा के आदेश के मुताबिक, विलंब शुल्क देकर मनमाने तरीके से खुद के प्रोजेक्ट पूर्व में ही पूरा हो जाने की सूचना बिल्डर ने आवंटियों को भेज दी थी। इस सूचना में आवंटियों और एलडीए को ही कटघरे में खड़ा किया था।