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निजी विवि और तकनीकी संस्थानों पर नैक या एनबीए से ग्रेडिंग की अनिवार्यता होगी खत्म
Tue, 21 Sep 2021 09:50 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 21 Sep 2021 09:50 PM IST
सार
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में योजना का लाभ लेने के लिए स्नातक में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता भी घटाकर 50 प्रतिशत होगी।
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NAAC
- फोटो : a
विस्तार
छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में निजी विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों पर नैक या एनबीए से ग्रेडिंग हासिल करने की अनिवार्यता खत्म होगी। इतना ही नहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में योजना का लाभ लेने के लिए स्नातक में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता भी घटाकर 50 प्रतिशत होगी। फिलहाल अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए संशोधित नियमावली का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि 2-3 दिन में उच्चस्तर की मुहर लगने के बाद औपचारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा।
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प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति के दो लाख रुपये और अन्य वर्गों के ढाई लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए इस योजना का लाभ देती है। अभी तक लागू नियमों के मुताबिक, उन्हीं निजी विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाता है, जिनको नेशनल असिस्मेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) और नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) की निर्धारित ग्रेडिंग हासिल हो। कोरोना संकट के कारण केंद्र सरकार ने इस नियम में वर्ष 2024-25 तक छूट दे दी है। इसी आधार पर समाज कल्याण निदेशालय ने यूपी में भी राहत देने का प्रस्ताव उच्चस्तरीय सहमति से तैयार किया।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए संशोधित नियमावली का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शीघ्र ही अन्य वर्गों के लिए भी इस तरह के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। इसी तरह से कई व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने की अर्हता स्नातक है। निजी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले एससी के उन्हीं छात्रों को योजना का लाभ दिया जाता है, जिनके स्नातक में न्यूनतम अंक 55 प्रतिशत हों। इसे भी संशोधित करके 50 प्रतिशत किया जा रहा है।
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31 अगस्त तक नई मान्यता पाने वाले संस्थान होंगे लाभांवित
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली में एक और संशोधन किया जा रहा है। 31 अगस्त तक नई मान्यता पाने वाले संस्थानों के छात्र भी इस योजना में शामिल किए जा सकेंगे। पूर्व में लागू व्यवस्था के अनुसार, यह कटऑफ डेट 15 जुलाई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना संकट को देखते हुए यह व्यवस्था सिर्फ इस साल के लिए लागू की जा रही है।