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लखनऊ विश्वविद्यालय के कमजोर विद्यार्थियों के लिए पहल, छात्रावासों में लगेंगी रेमेडियल क्लासेज
Sun, 10 Mar 2019 01:27 AM IST
manoj tiwari
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: manoj tiwari
Updated Sun, 10 Mar 2019 01:27 AM IST
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lucknow university
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन अपने छात्रावासों में पढ़ाई का माहौल और बेहतर करने व कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में छात्रावासों में कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लासेज शुरू करने की कवायद चल रही है। इसके साथ ही इंडोर गेम्स की भी सुविधा दी जाएगी।
विवि के 12 छात्रावासों में लगभग 4000 विद्यार्थी रहते हैं। पिछले कुछ समय में छात्रावासों की छवि खराब हो रही थी। कभी नियम विपरीत छात्रावास में रहने को लेकर तो कभी सेंट्रल मेस में हुआ बवाल चर्चा का विषय बना रहा। कई बार इसे लेकर छापेमारी भी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि संवाद की कमी से छात्रावासों में पढ़ाई का माहौल बेहतर नहीं हो पा रहा है। इस क्रम में सबसे पहले उन्हें बेहतर सुविधाएं देने की कवायद शुरू की गई है।
नवागत डीएसडब्ल्यू प्रो. ध्रुवसेन सिंह सेंट्रल मेस में खाने का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे वहां की समस्या कम हुई है। विद्यार्थियों से वार्ता कर खाने की क्वालिटी को और अच्छा करने का प्रयास चल रहा है। प्रो. सिंह ने बताया कि नए सत्र में हमारी कोशिश है कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रावास में रेमेडियल क्लासेज शुरू की जाएं। यह क्लास विश्वविद्यालय के ही शिक्षक पूरी तरह निशुल्क लेंगे।
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उन्होंने कहा कि कई बार विभिन्न कारणों, बीमारी आदि की वजह से कुछ विद्यार्थी कक्षाएं नहीं कर पाते हैं तो कुछ विषय में कमजोर होते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल में ही एक-दो घंटे की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। उन्होंने विवि के अन्य शिक्षकों से भी अपील की कि वे समय निकालकर छात्रावास में रेमेडियल क्लास लें। प्रो. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वस्थ रखने के लिए छात्रावासों में वॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसे इंडोर गेम्स की सुविधा दी जाएगी। कई बार विद्यार्थी खाली समय का बेहतर उपयोग नहीं कर पाते हैं। जब उन्हें ये सुविधाएं मिलेंगी तो वे इसका भी लाभ लेंगे। छात्रावासों के कॉमन हॉल में मनोरंजन की सुविधाएं भी बेहतर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही कुलपति प्रो. एसपी सिंह को एक प्रस्ताव बनाकर देंगे और उसके अनुसार कार्रवाई शुरू करेंगे।
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विवि के 12 छात्रावासों में लगभग 4000 विद्यार्थी रहते हैं। पिछले कुछ समय में छात्रावासों की छवि खराब हो रही थी। कभी नियम विपरीत छात्रावास में रहने को लेकर तो कभी सेंट्रल मेस में हुआ बवाल चर्चा का विषय बना रहा। कई बार इसे लेकर छापेमारी भी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि संवाद की कमी से छात्रावासों में पढ़ाई का माहौल बेहतर नहीं हो पा रहा है। इस क्रम में सबसे पहले उन्हें बेहतर सुविधाएं देने की कवायद शुरू की गई है।
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नवागत डीएसडब्ल्यू प्रो. ध्रुवसेन सिंह सेंट्रल मेस में खाने का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे वहां की समस्या कम हुई है। विद्यार्थियों से वार्ता कर खाने की क्वालिटी को और अच्छा करने का प्रयास चल रहा है। प्रो. सिंह ने बताया कि नए सत्र में हमारी कोशिश है कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रावास में रेमेडियल क्लासेज शुरू की जाएं। यह क्लास विश्वविद्यालय के ही शिक्षक पूरी तरह निशुल्क लेंगे।
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उन्होंने कहा कि कई बार विभिन्न कारणों, बीमारी आदि की वजह से कुछ विद्यार्थी कक्षाएं नहीं कर पाते हैं तो कुछ विषय में कमजोर होते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल में ही एक-दो घंटे की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। उन्होंने विवि के अन्य शिक्षकों से भी अपील की कि वे समय निकालकर छात्रावास में रेमेडियल क्लास लें। प्रो. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वस्थ रखने के लिए छात्रावासों में वॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसे इंडोर गेम्स की सुविधा दी जाएगी। कई बार विद्यार्थी खाली समय का बेहतर उपयोग नहीं कर पाते हैं। जब उन्हें ये सुविधाएं मिलेंगी तो वे इसका भी लाभ लेंगे। छात्रावासों के कॉमन हॉल में मनोरंजन की सुविधाएं भी बेहतर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही कुलपति प्रो. एसपी सिंह को एक प्रस्ताव बनाकर देंगे और उसके अनुसार कार्रवाई शुरू करेंगे।