{"_id":"5f48a1028ebc3e3cff2ec2fb","slug":"regulatory-commission-ordered-power-companies","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नए स्लैब में बिजली दरें प्रस्तावित कर सार्वजनिक प्रकाशन कराएं कंपनियां, नियामक आयोग ने दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए स्लैब में बिजली दरें प्रस्तावित कर सार्वजनिक प्रकाशन कराएं कंपनियां, नियामक आयोग ने दिया आदेश
Fri, 28 Aug 2020 11:49 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए स्लैब प्रस्तावित करते हुए बिजली दरें तय करने का मामला राज्य विद्युत नियामक आयोग के पाले में डालने का दांव पावर कॉर्पोेरेशन को उल्टा पड़ गया। आयोग ने गुरुवार देर शाम पावर कॉर्पोरेशन व बिजली कंपनियों को आदेश दिया है कि नए स्लैब में दरें प्रस्तावित कर समाचार पत्रों में प्रकाशन कराएं।
विज्ञापन
चूंकि वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व बिजली दरों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसलिए आयोग चाहता है कि दरें बढ़ाने या कम करने के संबंध में कोई भी चर्चा पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक प्लेटफार्म पर हो, ताकि उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी मिले। आयोग ने बिजली दरों के मौजूदा स्लैब में बदलाव के औचित्य व उसके अन्य पहलुओं पर प्रस्तुतिकरण के लिए कॉर्पोरेशन को शुक्रवार को तलब भी किया है।
विज्ञापन
इस बीच, कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह से मुलाकात कर नए स्लैब पर बिजली कंपनियों की तरफ से पक्ष रखा। बताया कि सरकार के अनुमोदन के बाद ही इस बदलाव का प्रस्ताव सौंपा गया है। स्लैब 80 से घटकर 53 हो जाने से उपभोक्ताओं को सहूलियत होगी।
विज्ञापन
मांगी ये जानकारियां
इससे पहले स्लैब में बदलाव से बिजली दरों को लेकर खड़े होने वाले विवाद से पिंड छुड़ाने के लिए पावर कॉर्पोेरशन ने बुधवार को नए स्लैब प्रस्तावित करते हुए दरें तय करने का निर्णय आयोग पर छोड़ दिया था। वहीं आयोग ने अब गेंद कॉर्पोरेशन के पाले में डाल दी है। सूत्रों के अनुसार नए स्लैब पर आयोग के रुख को देखते हुए स्लैबवार दरें तय करने की माथापच्ची शुरू हो गई है। सरकार से मंजूरी के बाद ही दरों का प्रस्ताव आयोग को सौंपा जाएगा।
कॉर्पोरेशन को शुक्रवार को प्रस्तुतिकरण में बताना होगा कि अचानक स्लैब बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी? इससे उपभोक्ताओं पर कितना भार पड़ेगा? बिजली दरों का मौजूदा ढांचा कितना सरल होगा?
कॉर्पोरेशन को शुक्रवार को प्रस्तुतिकरण में बताना होगा कि अचानक स्लैब बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी? इससे उपभोक्ताओं पर कितना भार पड़ेगा? बिजली दरों का मौजूदा ढांचा कितना सरल होगा?