सिपाही भर्ती 2018 अपडेट: टीसीएस ही कराएगी परीक्षा, दो महीने देर हो सकती है प्रक्रिया
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सिपाही भर्ती 2018 की 18 व 19 जून को दूसरी पाली की रद्द हुई ऑफलाइन परीक्षा टीसीएस ही कराएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन जीपी शर्मा का कहना है कि हालांकि इस मामले में टीसीएस से भी जवाब मांगा गया है। पर, निरस्त हुई परीक्षा दोबारा कराने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होगी।
जीपी शर्मा ने बताया कि परीक्षा से पहली निर्देश पुस्तिका सभी केंद्रों को दी गई थी, जिसमें कौन-सा बॉक्स कब खोलना है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया था। साथ ही इसकी ट्रेनिंग भी दी गई थी। निर्देश पुस्तिका में यह भी यह भी स्पष्ट था कि इसके बाद भी अगर कोई गलती करता है तो उसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा। भर्ती बोर्ड ने भविष्य में इन केंद्रों पर परीक्षा न कराए जाने की सिफारिश की है। साथ ही सरकार को भी लिखा है कि इन केंद्रों पर अन्य कोई परीक्षा भी न कराई जाए।
पहले टीसीएस ने गलती से किया था इन्कार
19 जून को एटा के पीपीएस कॉलेज में भी ऐसा ही हुआ, जहां पहली पारी में द्वितीय पारी का और द्वितीय पारी में पहली पारी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया। भर्ती बोर्ड के अनुसचिव ने इसकी जांच की जिसमें तथ्य सही पाए गए।
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 18 और 19 जून को दूसरी पारी में हुई परीक्षा निरस्त कर इसे दोबारा कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला तो लेना पड़ा निर्णय
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में दो याचिकाएं इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गईं कि परीक्षा के दौरान कई स्थानों पर एक ही तरह के पेपर दोनों पारियों में वितरित किए गए। इसके लिए सुबूत के तौर पर एटा और इलाहाबाद सेंटर का उदाहरण दिया गया।
याचिकाओं पर न्यायालय कोई निर्णय देता, उससे पहले ही भर्ती बोर्ड ने शासन से विचार-विमर्श करने के बाद द्वितीय पारी की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय ले लिया।
41,520 पदों के लिए शुरू हुई थी प्रक्रिया
जनवरी में निकली इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 41,520 पदों के लिए 22,78,184 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके लिए प्रदेश के 56 जिलों में 860 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दो दिनों में चार पालियों में हुई इस परीक्षा में 18,94,766 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
दो माह देर हो सकती है प्रक्रिया
वर्ष 2018 के लिए हो रही भर्ती की यह प्रक्रिया अक्तूबर तक पूरी होने का अनुमान लगाया गया था। एक पारी की परीक्षा निरस्त होने से अब इस पूरी प्रक्रिया में दो माह तक का विलंब होने की संभावना जताई जा रही है।