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मनरेगा में रोजगार सृजन का बना रिकार्ड, मजदूरी का भुगतान भी रिकार्ड हुआ
Mon, 15 Feb 2021 11:02 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 15 Feb 2021 11:02 AM IST
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मनरेगा
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मनरेगा में रोजगार सृजन में उत्तर प्रदेश ने कोरोनाकाल में रिकार्ड कायम किया है। प्रदेश में 40 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन के लक्ष्य के सापेक्ष 35.47 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन हुआ है। इस साल हजारों तालाबों, पंचायत भवनों और सामुदायिक भवनों का रिकार्ड निर्माण कराया गया है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा में प्रदेश को 26 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य दिया गया। कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान जब देशभर से प्रवासी श्रमिक यूपी लौटे तो मनरेगा में उन्हें रोजगार दिया गया। 26 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य पूरा होने के बाद केंद्र सरकार ने लक्ष्य को नौ करोड़ बढाकर 35 करोड़ कर दिया। 35 करोड़ का लक्ष्य भी पूरा होने के बाद अब केंद्र सरकार ने लक्ष्य को 40 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन तक बढ़ा दिया है।
12 फरवरी तक 35 करोड़ 47 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन हुआ है। जो कि यूपी में नहीं बल्कि देश में रिकार्ड है। मनरेगा के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में कभी भी कहीं भी रोजगार सृजन नहीं हुआ। मनरेगा में 37 लाख महिलाओं और 73.50 पुरुष श्रमिकों को रोजगार दिया गया है। 7,303.85 करोड़ रुपये मजदूरी का भुगतान किया गया है। जबकि कुल खर्च 9,707.15 करोड़ रुपये हुआ है।
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प्रदेश में 19,951 तालाब बनाए गए हैं। 18,206 पशु आशय स्थलों का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 99,454 आशय स्थल निर्माणाधीन है। 6,020 बकरी शेड बन गए हैं और 24,655 शेड निर्माणाधीन है। 40,926 सामुदायिक शौचालय और 14,278 पंचायत भवन निर्माणाधीन है। मनरेगा के उपायुक्त योगेश कुमार का कहना है कि 40 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी संख्या में पहले कभी रोजगार नहीं दिया गया।
उधर, अधिकारियों का कहना है कि मनरेगा में इस साल प्रदेश को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की उम्मीद है। इसमें सबसे अधिक रोजगार सृजन के साथ मजदूरी भुगतान और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण के लिए भी पुरस्कार मिलने की उम्मीद है।
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वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा में प्रदेश को 26 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य दिया गया। कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान जब देशभर से प्रवासी श्रमिक यूपी लौटे तो मनरेगा में उन्हें रोजगार दिया गया। 26 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य पूरा होने के बाद केंद्र सरकार ने लक्ष्य को नौ करोड़ बढाकर 35 करोड़ कर दिया। 35 करोड़ का लक्ष्य भी पूरा होने के बाद अब केंद्र सरकार ने लक्ष्य को 40 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन तक बढ़ा दिया है।
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12 फरवरी तक 35 करोड़ 47 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन हुआ है। जो कि यूपी में नहीं बल्कि देश में रिकार्ड है। मनरेगा के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में कभी भी कहीं भी रोजगार सृजन नहीं हुआ। मनरेगा में 37 लाख महिलाओं और 73.50 पुरुष श्रमिकों को रोजगार दिया गया है। 7,303.85 करोड़ रुपये मजदूरी का भुगतान किया गया है। जबकि कुल खर्च 9,707.15 करोड़ रुपये हुआ है।
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प्रदेश में 19,951 तालाब बनाए गए हैं। 18,206 पशु आशय स्थलों का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 99,454 आशय स्थल निर्माणाधीन है। 6,020 बकरी शेड बन गए हैं और 24,655 शेड निर्माणाधीन है। 40,926 सामुदायिक शौचालय और 14,278 पंचायत भवन निर्माणाधीन है। मनरेगा के उपायुक्त योगेश कुमार का कहना है कि 40 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी संख्या में पहले कभी रोजगार नहीं दिया गया।
उधर, अधिकारियों का कहना है कि मनरेगा में इस साल प्रदेश को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की उम्मीद है। इसमें सबसे अधिक रोजगार सृजन के साथ मजदूरी भुगतान और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण के लिए भी पुरस्कार मिलने की उम्मीद है।