बढ़ेगी मेडिकल शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र
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किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के बाद अब अन्य मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों को भी सरकार तोहफा देने जा रही है।
मेडिकल कॉलेज शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की तैयारी है। इसके लिए सरकार शीघ्र ही कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाएगी।
प्रदेश में इस समय 11 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। इनमें करीब 1500 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन इस समय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कुल संख्या एक हजार के आस-पास ही है।
प्रदेश में आधा दर्जन मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं। इनमें भी अनुभवी शिक्षकों की जरूरत होगी। शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार ने इसे दूर करने का दूसरा रास्ता निकाल लिया है।
इसलिए बढ़ाई जा रही है रिटायरमेंट की उम्र
मेडिकल कॉलेजों में लेक्चरर तो फिर भी मिल जाते हैं लेकिन अच्छे व योग्य एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर नहीं मिल रहे हैं। इसी दिक्कत को देखते हुए सरकार अब सबसे पहले मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने जा रही है।
यानी जो शिक्षक 62 वर्ष में रिटायर होने वाले हैं उन्हें तीन वर्ष की सेवा का और मौका दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि डॉक्टरी के पेशे में डॉक्टर जितने पुराने व अनुभवी हो जाते हैं उतना फायदेमंद रहता है। इसलिए सरकार शिक्षकों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर मेडिकल कॉलेजों को और दुरुस्त करना चाहती है।