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अतीत का झरोखा : ...जब नेहरू ने संसद में धुलेकर से कहा, अगर बोल सकते हैं तो अंग्रेजी में बोलें, धुलेकर ने इस तरह कही अपनी बात
Tue, 14 Dec 2021 12:33 PM IST
ishwar ashish
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 14 Dec 2021 12:33 PM IST
सार
पं. नेहरू ने कहा, संसद में अलग-अलग भाषाओं को जानने वाले बैठे हुए हैं। यदि आप अपनी बात अंग्रेजी में रखें तो सबको समझ में आएगी। इस पर धुलेकर रुके नहीं। और फिर...
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आचार्य रघुनाथ विनायक धुलेकर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
झांसी के पहले सांसद आचार्य रघुनाथ विनायक धुलेकर मराठी परिवार से थे। लेकिन, उनकी बोलचाल की भाषा हिंदी ही थी। वह हिंदी के प्रबल पक्षधर थे। हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलाने में उनका योगदान अहम रहा है।
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एक रोचक किस्सा संसद से जुड़ा है। किस्सा कुछ यूं है कि वह एक बार संसद में हिंदी में बोल रहे थे। इस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें टोक दिया। पं. नेहरू ने कहा, संसद में अलग-अलग भाषाओं को जानने वाले बैठे हुए हैं। यदि आप अपनी बात अंग्रेजी में रखें तो सबको समझ में आएगी। इस पर धुलेकर रुके नहीं। वह, अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि मराठी, गुजराती, उड़िया, अरबी, बंगाली, संस्कृत, उर्दू समेत दस भाषाओं में बोले।
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वह बोलते जा रहे थे और संसद में मौजूद सभी लोग हतप्रभ थे। धुलेकर ने कहा, मुझे दस भाषाओं का ज्ञान है। पर, भारत को जोड़ने वाली भाषा हिंदी ही है, जिसे राजभाषा बनाया जाना चाहिए।
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