फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Read about a win of janeshwar Mishra win in 1977 election.

अतीत का झरोखा: खतम हुए दिन उस डाली के, जिस पर तेरा बसेरा था... ये बोलकर जनेश्वर जी ने जीत लिया चुनाव

Thu, 13 Jan 2022 04:31 PM IST
ishwar ashish अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 13 Jan 2022 04:31 PM IST
सार

जनेश्वर जी ने आते ही बिना किसी भूमिका के बोलना शुरू किया, ‘कभी-कभी संयोग खुद ही भविष्यवाणी कर देते हैं। मैं अभी जब सभा स्थल की तरफ आ रहा था तो रास्ते में कांग्रेस का दफ्तर देखा। दफ्तर में सिर्फ  एक आदमी बैठा था और वहां गीत बज रहा था...

विज्ञापन
Read about a win of janeshwar Mishra win in 1977 election.
जनेश्वर मिश्र - फोटो : ANI

विस्तार

बात 1977 के लोकसभा चुनाव की है। किस्सा चुनाव प्रचार के अंतिम दिन का है। प्रख्यात समाजवादी जनेश्वर मिश्र इलाहाबाद लोकसभा सीट से जनता पार्टी के उम्मीदवार थे। उनके खिलाफ  लड़ रहे थे कांग्रेस से विश्वनाथ प्रताप सिंह। जनेश्वर की इलाहाबाद में 3 बजे कटरा चौराहे पर सभा तय की गई थी।

विज्ञापन


शाम पांच बजे प्रचार बंद होना था। इसलिए रणनीति बनाई गई थी कि इलाहाबाद में जनेश्वर के भाषण के साथ जनता पार्टी के प्रचार पर विराम लगे। वरिष्ठ समाजवादी नेता केके श्रीवास्तव भी चुनाव संचालकों में शामिल थे। वह बताते हैं कि तय रणनीति के अनुसार, जनेश्वर जी को दिन में देहात में प्रचार करना था। शाम को लगभग 4 बजे नगर की सभा में पहुंचना था।
विज्ञापन


बकौल श्रीवास्तव, शाम के पौने पांच बजने को आ गए थे। हम लोगों के माथे पर पसीना चुहचुहा रहा था। तभी हलचल हुई और शोर मचा, जनेश्वर जी आ गए हैं। जनेश्वर जी मंच पर पहुंचे। प्रचार खत्म होने में बमुश्किल सात-आठ मिनट ही बचे थे। जनेश्वर जी ने आते ही बिना किसी भूमिका के बोलना शुरू किया, ‘कभी-कभी संयोग खुद ही भविष्यवाणी कर देते हैं। मैं अभी जब सभा स्थल की तरफ आ रहा था तो रास्ते में कांग्रेस का दफ्तर देखा। दफ्तर में सिर्फ  एक आदमी बैठा था और वहां गीत बज रहा था, चल उड़ जा रे पंछी कि अब ये देश हुआ बेगाना। खतम हुए दिन उस डाली के, जिस पर तेरा बसेरा था...।’
विज्ञापन
विज्ञापन


इतना कहकर उन्होंने भाषण समाप्त कर दिया और तालियां थी कि थमने का नाम नहीं ले रही थीं। जनेश्वर जी चुनाव जीत गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed