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आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों का किराया बढ़ा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 21 Aug 2013 02:17 AM IST
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नगर निगम की आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों का किराया बढ़ा दिया गया है। नगर निगम सदन ने इस संबंध में रेंट विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।
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इसके बाद अब किराए पर उठी उन संपत्तियों का किराया नगर निगम बढ़ा देगा, जिनका नामांतरण कराया जाएगा। उन लोगों पर यह प्रस्ताव लागू नहीं होगा, जिनको नामांतरण नहीं कराना है।
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इसके साथ ही नामांरतण शुल्क में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके साथ ही अब बिना नगर आयुक्त की अनुमति संपत्ति में परिवर्तन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उनका आवंटन भी निरस्त किया जाएगा।
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नामांतरण शुल्क भी बढ़ा
किराए की तरह नामांतरण शुल्क में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। यह बढ़ोतरी करीब दो गुना है।
प्रस्ताव के तहत मूल आवंटी के स्थान पर उसके उत्तराधिकारी के नाम सर्वेंट क्वाटर का नामांतरण शुल्क 15000 रुपये, अन्य भवनों का 20000 रुपये अमीनाबाद, कैसरबाग, चारबाग और हजरतगंज की दुकानों का 60000 रुपये और अन्य क्षेत्रों के लिए 40000 रुपये हो गया है।
वहीं जिन संपत्तियों में लोग अवैध रूप से काबिज हैं, वहां पर सर्वेंट क्वाटर का नामांतरण शुल्क 30000 रुपए, मकान का 40000 रुपए और अमीनाबाद, लालबाग, हजरतगंज, कैसरबाग व चारबाग में दुकान का 1,20000 रुपए व अन्य क्षेत्र में 80,000 रुपए नामांतरण शुल्क कर दिया गया है।