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मोहन भागवत आज करेंगे बैठक, संघ के विस्तार व सामाजिक सरोकारों पर मुख्य चर्चा
Sun, 13 Sep 2020 09:30 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 13 Sep 2020 09:30 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : ANI
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिन के प्रवास पर शनिवार को लखनऊ पहुंच गए। वह यहां दो दिन संघ की कुछ संगठनात्मक बैठकें करने के साथ कोरोना के मद्देनजर उत्पन्न चुनौतियों पर केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा सामाजिक सहयोग से उनके समाधान और लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने पर बातचीत करेंगे।
इसके अलावा संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा करके वर्तमान परिस्थितियों में संघ की आगे की योजना समझाएंगे। सरसंघचालक के लखनऊ प्रवास में किसी राजनीतिक मुद्दे पर औपचारिक चर्चा होने की संभावना नहीं है। बैठक में सिर्फ संघ में दायित्वधारी लोगों और प्रचारकों को ही बुलाया गया है।
इनमें एक दिन संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ वह चर्चा करेंगे। फिर अलग-अलग समूह में विभाग व जिला टोली से विभिन्न आयामों पर बात होगी। हालांकि संघ सूत्र इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्रियों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित अन्य संगठनों के प्रमुख लोग या कुछ वरिष्ठ मंत्री सरसंघचालक से शिष्टाचार मुलाकात करने पहुंच जाएं।
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संघ में परंपरा के अनुसार, वर्ष में एक बार लगने वाले शारीरिक शिक्षा वर्गों (ओटीसी) के दौरान सरसंघचालक और सरकार्यवाह में से कोई न कोई हर प्रांत में जाता है। इस बार कोरोना के कारण ओटीसी नहीं हुई है। इसलिए सरसंघचालक अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों से तात्कालिक विषयों पर बातचीत के साथ ही चुनौतियों और स्वयंसेवकों की भूमिका पर चर्चा कर रहे हैं।
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इसके अलावा संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा करके वर्तमान परिस्थितियों में संघ की आगे की योजना समझाएंगे। सरसंघचालक के लखनऊ प्रवास में किसी राजनीतिक मुद्दे पर औपचारिक चर्चा होने की संभावना नहीं है। बैठक में सिर्फ संघ में दायित्वधारी लोगों और प्रचारकों को ही बुलाया गया है।
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इनमें एक दिन संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ वह चर्चा करेंगे। फिर अलग-अलग समूह में विभाग व जिला टोली से विभिन्न आयामों पर बात होगी। हालांकि संघ सूत्र इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्रियों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित अन्य संगठनों के प्रमुख लोग या कुछ वरिष्ठ मंत्री सरसंघचालक से शिष्टाचार मुलाकात करने पहुंच जाएं।
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संघ में परंपरा के अनुसार, वर्ष में एक बार लगने वाले शारीरिक शिक्षा वर्गों (ओटीसी) के दौरान सरसंघचालक और सरकार्यवाह में से कोई न कोई हर प्रांत में जाता है। इस बार कोरोना के कारण ओटीसी नहीं हुई है। इसलिए सरसंघचालक अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों से तात्कालिक विषयों पर बातचीत के साथ ही चुनौतियों और स्वयंसेवकों की भूमिका पर चर्चा कर रहे हैं।
कोरोना की चुनौतियों पर मुख्य चिंतन
भागवत संघ शाखाओं के विस्तार, कोरोना के मद्देनजर उनकी सक्रियता और निरंतरता पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, गोसेवा, ग्राम विकास और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर बातचीत होगी।
वह कोरोना काल में किसानों और मजदूरों के सामने उत्पन्न समस्याओं के समाधान में संघ की भूमिका पर भी बातचीत करेंगे। वह प्रवासी मजदूरों सहित बेरोजगार हो गए अन्य लोगों को रोजगार मुहैया कराने में संघ की भूमिका पर भी लोगों से चर्चा करेंगे।
कोरोना काल में संघ ने बड़े पैमाने पर सेवा कार्य चलाए थे, पर सरसंघचालक कई जगह सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि इस संकट से निपटने के लिए अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है।
वह कोरोना काल में किसानों और मजदूरों के सामने उत्पन्न समस्याओं के समाधान में संघ की भूमिका पर भी बातचीत करेंगे। वह प्रवासी मजदूरों सहित बेरोजगार हो गए अन्य लोगों को रोजगार मुहैया कराने में संघ की भूमिका पर भी लोगों से चर्चा करेंगे।
कोरोना काल में संघ ने बड़े पैमाने पर सेवा कार्य चलाए थे, पर सरसंघचालक कई जगह सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि इस संकट से निपटने के लिए अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है।