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Lucknow News: सफाई में लापरवाही पर रामकी कंपनी पर एक लाख का जुर्माना
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नगर निगम
लखनऊ। चेतावनी के बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार न होने पर नगर निगम ने निजी कंपनी रामकी (लखनऊ स्वच्छता अभियान) पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई लाल बहादुर शास्त्री प्रथम वार्ड में 11 अक्तूबर को किए गए निरीक्षण के बाद की गई। वार्ड में सफाई व्यवस्था खराब होने की शिकायत पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि ने महापौर और नगर आयुक्त से की थी।
इसके बाद क्षेत्रीय सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने वार्ड का निरीक्षण किया, जिसमें सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इससे पहले 21 सितंबर को भी निरीक्षण के दौरान कूड़ेदानों के पास बड़ी मात्रा में कूड़ा पड़ा मिला था। तब कंपनी को चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी घरों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों से नियमित कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है।
नगर निगम ने कंपनी को निर्देश दिया है कि कूड़ेदानों को रोज सुबह नौ बजे से पहले खाली किया जाए। जरूरत पड़ने पर दिन में दो से चार बार भी कूड़ा उठाया जाए।
पांच हजार मकान, एक हजार से ही कलेक्शन
पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि का आरोप है कि वार्ड में करीब पांच हजार मकान हैं, लेकिन कंपनी केवल एक हजार घरों से ही कूड़ा उठा रही है। कर्मचारियों और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण बाकी घरों तक कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था नहीं पहुंच पा रही है। इससे लोग सड़कों पर कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। पार्षद ने कंपनी को हटाकर पुरानी सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
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इसके बाद क्षेत्रीय सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने वार्ड का निरीक्षण किया, जिसमें सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इससे पहले 21 सितंबर को भी निरीक्षण के दौरान कूड़ेदानों के पास बड़ी मात्रा में कूड़ा पड़ा मिला था। तब कंपनी को चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी घरों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों से नियमित कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है।
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नगर निगम ने कंपनी को निर्देश दिया है कि कूड़ेदानों को रोज सुबह नौ बजे से पहले खाली किया जाए। जरूरत पड़ने पर दिन में दो से चार बार भी कूड़ा उठाया जाए।
पांच हजार मकान, एक हजार से ही कलेक्शन
पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि का आरोप है कि वार्ड में करीब पांच हजार मकान हैं, लेकिन कंपनी केवल एक हजार घरों से ही कूड़ा उठा रही है। कर्मचारियों और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण बाकी घरों तक कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था नहीं पहुंच पा रही है। इससे लोग सड़कों पर कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। पार्षद ने कंपनी को हटाकर पुरानी सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
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