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मुलायम के तीखे तेवर, अब किरनमय नंदा व नरेश अग्रवाल को सपा से निकाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 01 Jan 2017 09:39 PM IST
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मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
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सपा सुप्रीमो मुलामय सिंह यादव ने अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए किरनमय नंदा व नरेश अग्रवाल को पार्टी से निकाल दिया। उन्होंने आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन की अध्यक्षता करने पर किरनमय पर कार्रवाई की। नरेश अग्रवाल भी अधिवेशन में शामिल हुए थे।
इसके पहले रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा के आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन के कुछ घंटे बाद ही पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बड़ा फैसला करते हुए रामगोपाल यादव को फिर से पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया। वहीं, इसके जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कड़ा फैसला करते हुए मुलायम के करीबी आशू मलिक की सुरक्षा वापस ले ली। आशू मलिक एमएलसी हैं और उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी।
इसके पहले सपा के संसदीय बोर्ड द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया गया पार्टी का आपातकालीन अधिवेशन असंवैधानिक हैं और इसमे लिए जाने वाले सारे फैसले रद्द किए जाते हैं।
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पत्र में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले जारी की गई प्रत्याशियों की सूची को अनुमोदित करतें है और बाकी बचे प्रत्याशियों की घोषणा करने का आदेश दिया गया।
पत्र में कहा गया है कि सपा सुप्रीमो मुलायम ने कड़ी मेहनत कर पार्टी को खड़ा किया है। कुछ लोग अपने कुकृत्यों को छुपाने, सीबीआई से बचने व भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ही पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया।
संसदीय बोर्ड ने सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन पांच जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया गया है, जिससे कि जनता के बीच फैले भ्रम को दूर किया जा सके।
इसके पहले रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा के आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन के कुछ घंटे बाद ही पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बड़ा फैसला करते हुए रामगोपाल यादव को फिर से पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया। वहीं, इसके जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कड़ा फैसला करते हुए मुलायम के करीबी आशू मलिक की सुरक्षा वापस ले ली। आशू मलिक एमएलसी हैं और उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी।
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इसके पहले सपा के संसदीय बोर्ड द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया गया पार्टी का आपातकालीन अधिवेशन असंवैधानिक हैं और इसमे लिए जाने वाले सारे फैसले रद्द किए जाते हैं।
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पत्र में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले जारी की गई प्रत्याशियों की सूची को अनुमोदित करतें है और बाकी बचे प्रत्याशियों की घोषणा करने का आदेश दिया गया।
पत्र में कहा गया है कि सपा सुप्रीमो मुलायम ने कड़ी मेहनत कर पार्टी को खड़ा किया है। कुछ लोग अपने कुकृत्यों को छुपाने, सीबीआई से बचने व भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ही पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया।
संसदीय बोर्ड ने सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन पांच जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया गया है, जिससे कि जनता के बीच फैले भ्रम को दूर किया जा सके।