अठावले बोले, यूपी ने बहिनजी को देखा, अब जमाई को दें मौका
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रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने खुद की ससुराल वाराणसी में बताते हुए कहा कि यूपी के लोगों ने बहिनजी (मायावती) को कई बार देख लिया है, अब जमाई यानी उन्हें भी मौका देना चाहिए। यूपी में भाजपा से गठबंधन न होने पर वह 250 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे।
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अठावले ने कहा, आरपीआई पहली बार पूरी ताकत से यूपी के चुनाव में उतर रही है। नोटबंदी के कारण इस बार चुनाव में नोटों का खेल नहीं चल सकेगा। हम यूपी का चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ना चाहते हैं।
इस बाबत अध्यक्ष अमित शाह समेत कई नेताओं से बात हो चुकी है। हमने 15-20 सीटें मांगी हैं। शाह ने दो-तीन दिन में जवाब देने को कहा है। अगर भाजपा से गठबंधन नहीं हुआ तो आरपीआई 200-250 सीटों पर अकेले लड़ेगी।
मायावती से मांगे इन सवालों के जवाब
बसपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, दलित वोटों पर हमारा भी अधिकार है। मायावती ने इन्हें हमसे छीन लिया है। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती से चार सवालों के जवाब भी मांगे।
कहा, मायावती ने राजधानी में बने डॉ. अंबेडकर पार्क का नाम बदलकर कांशीराम का नाम क्यों दिया? अभी तक बौद्ध धर्म क्यों नहीं अपनाया?
बहुजन हिताय के बजाय सर्वजन हिताय का नारा क्यों दिया और सत्ता में रहते अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम में बदलाव क्यों किया?
उन्होंने मुंबई में हमेशा उत्तर भारतीयों का साथ दिया। इसलिए यूपी में उन्हें अच्छा समर्थन मिलेगा। बसपा समेत कई पार्टियों के नेता आरपीआई में शामिल हो चुके हैं।
मेरी पत्नी भी वाराणसी की हैं। इसलिए यूपी के लोगों से अपील है कि आज तक बहिन को देखा, अब जमाई को भी देख लें। सपा के झगड़े पर कहा, वे मुलायम सिंह की इज्जत करते हैं। उन्होंने लखनऊ में आरपीआई के लिए दफ्तर उपलब्ध कराया। शिवपाल और रामगोपाल, दोनों मिलकर पिता-पुत्र को अलग कर रहे हैं।
प्रचार करेंगी सलमा आगा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेत्री सलमा आगा ने कहा, आरपीआई अंबेडकर के मिशन को आगे बढ़ा रही है। वह तीन तलाक की व्यवस्था खत्म करने की पक्षधर हैं। हालांकि, समान नागरिक संहिता की अन्य बातों का समर्थन नहीं करतीं। वह यूपी में आरपीआई के लिए प्रचार करेंगी।