राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आज उठ सकता है रहस्य से पर्दा, SIT रिपोर्ट में बेनकाब हो सकते हैं कई बड़े चेहरे
Ram Temple offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनी एसआईटी 17 जुलाई को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश कर सकती है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) आज अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। शासन ने एसआईटी को विस्तृत जांच के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया था। तय समयसीमा पूरी होने के बाद भी बुधवार और गुरुवार तक रिपोर्ट शासन को नहीं सौंपी गई।
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 13 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित करने की मांग की थी। उसी दिन शासन ने लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरण एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन की तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज हुई, आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और ट्रस्ट के तत्कालीन पदाधिकारी चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में शासन ने विस्तृत जांच के लिए एसआईटी की मियाद 15 जुलाई तक बढ़ा दी थी।
सूत्रों के मुताबिक अंतिम रिपोर्ट में चढ़ावा गणना व्यवस्था में हुई अनियमितताओं, मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों की भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कई अहम सिफारिशें शामिल हैं। रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
अब टिन्नू और मनीष से राज उगलवाने की तैयारी, जेल में हुई पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दो आरोपियों की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद अब पुलिस की पूरी नजर मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव पर टिक गई है। दोनों से चोरी के पैसों, उसके ठिकानों और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए कस्टडी रिमांड की तैयारी तेज कर दी गई है।
बुधवार देर रात करीब 10 बजे कस्टडी रिमांड खत्म होने पर सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को पूछताछ के बाद दोबारा जिला जेल भेज दिया गया। इसके कुछ ही घंटे बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब 8:30 बजे विवेचक आशुतोष तिवारी जिला जेल पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक उन्होंने टीम के साथ टिन्नू और मनीष यादव से आमने-सामने पूछताछ की। चढ़ावा चोरी व अन्य अनियमितताओं से कमाए गए पैसों के निवेश पर पूरा फोकस रहा।
पुलिस ने अलग-अलग एंगल से उनसे संपत्तियों के बारे में कई राज उगलवाए हैं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। टिन्नू की कुछ जमीनों से जुड़ी जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है। राजस्व विभाग से मिली जमीनों की जानकारी का आरोपियों से क्रॉस चेक भी कराया गया है। अब कुछ नई बरामदगी और अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े इनपुट भी मिले हैं, जिनका पुलिस सत्यापन कर रही है।
माना जा रहा है कि इन्हीं तथ्यों के आधार पर अब दोनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि टिन्नू और मनीष की कस्टडी मिलते ही चढ़ावा चोरी के पूरे खेल, रकम के इस्तेमाल और अब तक छिपे तथ्यों से पर्दा उठ सकता है।
चंपत राय के समर्थन में व्यापारी समाज, तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचकर जताया विश्वास
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में बृहस्पतिवार को अयोध्या का व्यापारी समाज खुलकर सामने आया। नगर विधायक के पुत्र एवं भाजपा नेता अमल गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचा और चंपत राय से मुलाकात कर उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक दर्जन से अधिक व्यापारियों ने कहा कि चंपत राय का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्र व धर्म की सेवा को समर्पित रहा है। राम मंदिर आंदोलन से लेकर भव्य मंदिर निर्माण तक उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। ऐसे व्यक्ति पर लगाए जा रहे आरोपों को व्यापारी समाज पूरी तरह निराधार मानता है। व्यापारियों ने कहा कि अयोध्या का व्यापारी वर्ग चंपत राय के साथ मजबूती से खड़ा है। उनका कहना था कि सत्य सामने आएगा और चंपत राय पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद साबित होंगे। इससे पहले भी अयोध्याधाम के व्यापारियों ने एक बैठक कर चंपत राय का समर्थन किया था। वहीं फैजाबाद शहर के व्यापारी समाज ने भी उनके समर्थन में बैठक की थी।