संतों की देखरेख में जल्द शुरू होगा राममंदिर निर्माण : विट्ठल महाराज
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श्री रामलला के जन्मभूमि विवाद का पटाक्षेप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हो चुका है। अब गुरु महाराज की कृपा और संतों की देखरेख में अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। उक्त बातें सुरसरि मंदिर में ओंकारनाथ मिशन के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन एवं योग साधना शिविर के उद्घाटन अवसर पर जय गुरु संप्रदाय के संत स्वामी किंकर विट्ठल रामानुज महाराज ने कहीं। सम्मेलन में रामनगरी के संत-धर्माचार्यों सहित मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी को भी सम्मानित किया गया।
राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि देश का हिंदू ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का हिंदू समाज और कुछ मुस्लिमों को छोड़कर पूरा मुस्लिम समाज भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट है। सौभाग्य की बात है कि वर्तमान में केंद्र और राज्य में जो सरकार है उसी के शासनकाल में ही रामलला का भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि 500 वर्ष से हिंदू समाज यह लड़ाई लड़ रहा था।
अयोध्या को भगवान श्रीराम का ही नहीं पृथ्वी और रामचरितमानस का भी जन्म स्थान माना जाता है। इसलिए यहां पर निवास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति अयोध्या का ही निवासी है। दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहां की अयोध्या में ही प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था 77 बार राम जन्म भूमि के लिए लड़ाई लड़नी पड़ी। अब रामलला के पक्ष में फैसला आ गया है। विश्व का सबसे भव्य मंदिर का निर्माण बहुत जल्द प्रारंभ हो जाएगा।
'राम जन्मभूमि के फैसले की खुशी पूरे विश्व में'
राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बोले कि राम जन्मभूमि के फैसले की खुशी पूरे विश्व में है। ओंकारनाथ मिशन अयोध्या में इसकी खुशी मना रहा है यह बड़े ही हर्ष की बात है बहुत जल्द भव्य मंदिर का निर्माण होगा। ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी गुरजीत सिंह ने कहा कि अयोध्या में ही भगवान का जन्म हुआ था और उन्हीं के कृपा से फैसला आया है बहुत जल्द ही भव्य मंदिर का निर्माण होगा।
सम्मेलन की अध्यक्षता रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व संचालन महेंद्र त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम में सरदार चरणजीत सिंह, जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ओंकारनाथ मिशन के महासचिव मुकेश चतुर्वेदी सहित विभिन्न प्रांतों से आए भक्त मौजूद रहे।
वर्षों का विवाद अब हुआ खत्म : इकबाल अंसारी
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या धार्मिक नगरी है। हमें हमेशा संतों का आशीर्वाद मिलता रहता है। मैं चाहता हूं कि राम जन्मभूमि का यह परिसर बहुत बड़ा है राम जी के साथ उनके चारों भाइयों और सभी देवी देवताओं की स्थापना राम जन्मभूमि परिसर में हो। कई वर्षों का विवाद अब समाप्त हो चुका है। अयोध्या की गंगा-जमुनी तहजीब व सद्भाव कभी नहीं बिगड़ने पाएगा।