{"_id":"5f12f1cf0362017b9508fcbc","slug":"ram-janmabhoomi-teerth-kshetra-trust-meeting-main-points-regarding-ram-mandir-construction","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर के डिजाइन में होगा बदलाव, पढ़ें रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक की 10 बड़ी बातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर के डिजाइन में होगा बदलाव, पढ़ें रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक की 10 बड़ी बातें
Sat, 18 Jul 2020 06:35 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 18 Jul 2020 06:35 PM IST
विज्ञापन
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या में शनिवार को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे और मंदिर निर्माण को लेकर तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बैठक के बाद मुख्य बिंदुओं के बारे में जानकारी दी। यहां पढ़ें रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक की 10 बड़ी बातें-
विज्ञापन
- राम मंदिर के डिजाइन में बदलाव होगा। ट्रस्ट की बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले मंदिर में तीन गुंबद बनने थे, लेकिन अब पांच गुंबद होंगे।
- राम मंदिर का मॉडल विश्व हिंदू परिषद का ही रहेगा, लेकिन उसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ जाएगी।
- राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए तिथि का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करेंगे।
- निर्माण स्थल से प्राप्त हुए मिट्टी के अवशेषों पर सभी सदस्यों ने प्रसन्नता जाहिर की। मिट्टी की ताकत की रिपोर्ट आने के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि मंदिर की नींव कितनी गहरी रखी जाएगी।
- इसके लिए 60 मीटर नीचे से मिट्टी के सैंपल लिए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी लार्सेन एंड ट्यूब्रो कंपनी को सौंपी गई है।
- मंदिर की नई डिजाइन और अन्य सारे प्राथमिक काम पूरे होने के बाद ही उसके निर्माण तिथि की गणना शुरू की जाएगी।
- मंदिर निर्माण के लिए समाज से आर्थिक सहायता ली जाएगी।
- 10 करोड़ परिवार से धन संग्रह किया जाएगा, इसके बाद ही मंदिर का निर्माण शुरू किया जाएगा।इसके लिए 10 लाख आवासीय क्षेत्रों को चिन्हित किया जा चुका है।
- कोरोना महामारी के कारण अगर लॉकडाउन की स्थिति अनुकूल नहीं रहती है, तो काम देरी से हो सकता है।
- निर्माण शुरू होने के बाद अधिकतम तीन से साढ़े तीन वर्ष में मंदिर तैयार हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन