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यूपी : भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सपा में शामिल, निषाद पार्टी के कई नेताओं ने भी ली सपा की सदस्यता
Tue, 21 Dec 2021 02:48 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 21 Dec 2021 02:48 PM IST
सार
भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह के अलावा निषाद पार्टी के भी कई नेता सोमवार को सपा में शामिल हो गए। इन लोगों ने भाजपा सरकार को जनविरोधी बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
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अखिलेश यादव व अन्य नेताओं के साथ राम इकबाल सिंह (दायें से दूसरे)।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने सोमवार को सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इनके अलावा निषाद पार्टी के भी कई नेता सपा में शामिल हो गए। इन लोगों ने भाजपा सरकार को जनविरोधी बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। इकबाल और निषाद पार्टी के नेताओं ने यहां सपा मुख्यालय पर पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष पार्टी की सदस्यता ली।
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इस मौके पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम व पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप भी मौजूद थे। सदस्यता लेने वालों में निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव कन्हैया लाल निषाद, हरिनारायण निषाद, हरि प्रसाद साहनी, प्रांतीय अध्यक्ष दीपू निषाद, मंडल अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश निषाद, अजय निषाद, महेंद्र निषाद आदि शामिल थे।
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अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल राम इकबाल ने पहले दे दिया था संदेश
भाजपा छोड़ सोमवार को सपा का दामन थामने वाले पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह पिछले कुछ समय से अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान देकर इसका संदेश दे रहेथे। कई बार तो उन्होंने अपनी पार्टी को काफी असहज स्थिति में ला दिया था। पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही निशाना बना लिया था।
वर्ष 2002 में रामइकबाल सिंह चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। बाद में यह सीट परिसीमन में खत्म हो गई। इसका कुछ हिस्सा रसड़ा और कुछ हिस्सा बेल्थरारोड विधानसभा में चला गया। इसके बाद पार्टी में हाशिए पर आए पूर्व विधायक काफी दिनों से अपने लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे थे। इसी कारण वह अक्सर भाजपा सरकार पर निशाना साधते रहे। उनके बयानों से यह अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि वह जल्द ही सपा में शामिल हो सकते हैं। साथ ही वह विधानसभा चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। सोमवार को उनके सपा में शामिल होने की जानकारी सपा ने ट्वीट कर दी।
बीएचयू से शुरू की थी छात्र राजनीति
रामइकबाल सिंह ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति शुरू की थी। 1993 में वे भाजपा से जुड़ गए। रसड़ा थाना क्षेत्र के मुड़ेरा निवासी रामइकबाल सिंह वर्ष 2002 में विधायक रहे। 2007 में चिलकहर क्षेत्र से सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय से चुनाव हार गए थे। वर्ष 2009 में घोसी से लोकसभा का चुनाव लड़ें और पराजय का सामना करना पड़ा। नए परिसीमन के बाद 2012 में उन्होंने रसड़ा से चुनाव लड़ा, पर बसपा प्रत्याशी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2014 में सलेमपुर लोस से भाजपा के टिकट के दावेदार थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। 2017 के विस चुनाव में राम इकबाल सदर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे लेकिन पार्टी ने उन्हें पुन: रसड़ा से लड़ने के लिए भेज दिया। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद राम इकबाल सिंह खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे।