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अयोध्या में सरयू घाट से लेकर मठों और मंदिरों तक लोगों में दिखी राम की मर्यादा

Mon, 11 Nov 2019 06:23 AM IST
Vikas Kumar धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या
धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 11 Nov 2019 06:23 AM IST
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Ram dignity was seen in people from Saryu Ghat to temples in ayodhya
अयोध्या का दृश्य। - फोटो : amar ujala

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रविवार को सूरज की पहली किरण नई अयोध्या का सपना लेकर आई। सरयू रोज की तरह अपनी रौ में बह रहीं थीं, लेकिन स्नान करने आए साधु-संतों से लेकर श्रद्धालु नए जोश और उम्मीद में थे। हनुमानगढ़ी, कनकभवन, रामलला की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की तमाम बंदिशें, आईडी की जांच और पूछताछ बाहरी भक्तों के आने का सिलसिला नहीं रोक पा रहे थे। मुस्लिम समुदाय पूरे मसले को अंतहीन विवाद, बहस और तनाव से मुक्ति के रूप में देखता नजर आया। हर ओर लोगों में भगवान राम की मर्यादा नजर आई।

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अयोध्या की नई सुबह बेहद खास थी। हर ओर समरसता का आसमान छूने की ललक दिखी। सुबह सरयू तट पर बंदिशों की वजह से बाहरी श्रद्घालु तो नहीं थे, लेकिन मठ-मंदिरों के संत-धर्माचार्य और कल्पवास कर रहे भक्त भोर से ही पहुंचने लगे थे। लटें लहराते हुए स्थानीय साधु रामनाथ और जौनपुर से आए इंद्रमणि दास ने कहा, दो पक्षों का झगड़ा राम जी ने समाप्त कर दिया। अब सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि समूचा भारत शांति, सौहार्द और तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरुजीत सिंह फैजाबाद और अयोध्या दोनों शहर के व्यापारियों के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा, यहां गुरु नानक जी ने तपस्या की थी, गुरु गोविंद सिंह भी आए। अब अयोध्या का भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोर्ट ने सौंप दिया है। उनमें गुरु गोविंद व राम की शक्ति विराजमान है उम्मीद है कि भव्य राममंदिर के साथ सिख धर्म के स्थलों का भी यहां विकास होगा।
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दिन दूना रात चौगुना बढ़ेगा कारोबार तो कोई बोला, सिख धर्म का बनेगा बड़ा केंद्र
जिला महिला अस्पताल रिकाबगंज के पास ज्वेलर्स मालिक पृथ्वी पाल सिंह बोले, अब यहां व्यापार दिन दूना रात चौगुना बढ़ेगा। सहमति जताते हुए नियावां के वीरेंद्र शेरवानी और अमानीगंज गुरुद्वारा के बलविंदर सिंह कहते हैं कि अयोध्या भी सिख धर्म का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। सिर्फ यहां के सांप्रदायिक झगड़े से देश विदेश के सिख समुदाय आने से कतराते थे। थोड़ा आगे बढ़ने पर भगवान ऋषभदेव की सरयू किनारे भव्य प्रतिमा और पार्क सूना मिला। कई अनुयायी बोले, भगवान राम के इक्ष्वाकु वंश से ही जैन धर्म के सभी 24 तीर्थंकर आते हैं। आदि तीर्थंकर ऋषभदेव सहित पांच तीर्थंकरों की जन्मस्थली अयोध्या है।
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पाकिस्तान को अयोध्या पर बोलने का हक नहीं
रामजन्मभूमि परिसर से सटे टेढ़ीबाजार इलाके में मुस्लिम समुदाय सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत दिखा। पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा अयोध्या फैसले को मुसलमानों की हार से जोड़ने वाले बयान पर नाराजगी जताते हुए लोगो ने कहा कि यह भारत की सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। सभी मुस्लिमों ने तहे दिल से स्वीकार किया है। सबने कहा, हमारे शीश पैगंबर की मजार भी यहीं मणिपर्वत के पास है। पूरे एशिया में एक मात्र पैगंबर हजरत वहीं है जो अयोध्या में हैं। अयोध्या को खुर्दमक्का कहा जाता है। 


बेनीगंज चौराहा स्थित रजा जामा मस्जिद के इमाम मो. जफर रजा कहते हैं कि अब अयोध्या शांति और सद्भाव के लिए पहचानी जाएगी। साहबगंज की मस्जिद बसारत के इमाम हैदर रजा कहते हैं कि हमारी अयोध्या अब आगे बढ़ेगी। हिंदू-मुस्लिम मिल-जुलकर यहां दोनों धर्मों के मठ-मंदिर और पीर पैगंबर को आस्था का केंद्र सजाएंगे।

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