{"_id":"65cf805a25aa245815075879","slug":"rajya-sabha-elections-sp-will-take-legal-route-to-bring-its-mlas-from-jail-two-mlas-of-the-party-are-in-jail-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा चुनाव: अपने विधायकों को जेल से लाने के लिए कानूनी रास्ता लेगी सपा, पार्टी के दो विधायक हैं जेल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यसभा चुनाव: अपने विधायकों को जेल से लाने के लिए कानूनी रास्ता लेगी सपा, पार्टी के दो विधायक हैं जेल में
Fri, 16 Feb 2024 09:03 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 16 Feb 2024 09:03 PM IST
सार
यूपी में राज्यसभा की आठवीं सीट में विजय पाने के लिए सपा और बीजेपी दोनों ही हर तरह का पैंतरा आजमा रही हैं। सपा के दो विधायक इन दिनों जेल में हैं। पार्टी उनको वोट दिलवाने के लिए कानूनी रास्ते तलाश रही है।
विज्ञापन
रमाकांत यादव और इरफान सोलंकी इन दिनों जेल में हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सपा जेल में बंद अपने विधायकों से राज्यसभा चुनाव में मतदान कराने के लिए कानूनी विकल्प अपनाएगी। इसके लिए कोर्ट से अनुमति ली जाएगी। वर्तमान में सपा के दो विधायक इरफान सोलंकी व रमाकांत यादव और सुभासपा के अब्बास अंसारी जेल में बंद हैं। यहां बता दें कि वर्ष 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में बसपा विधायक मुख्तार अंसारी जेल से लखनऊ मतदान के लिए लाए गए थे। उन्होंने सत्ताधारी दल के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद के खिलाफ यूपीए की मीरा कुमार को वोट दिया था।
विज्ञापन
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए भाजपा ने आठ प्रत्याशी मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। एनडीए को 8 सीट जीतने के लिए 296 मत चाहिए, जबकि उसके पास करीब 287 मतों का इंतजाम है। वहीं, सपा को तीन प्रत्याशी जिताने के लिए 111 वोट चाहिए। वर्तमान में सपा के पास 108 विधायक हैं और उसे कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन भी मिलना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
सपा के दो विधायक जेल में बंद होने और एक विधायक पल्लवी पटेल के बगावती सुर से उसे अपने तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी को जिताने में मुश्किल आ सकती है। सुभासपा के विधायक अब्बास अंसारी को सपा के कोटे से ही वर्ष 2022 में टिकट दिया गया था। यह चुनाव सपा और सुभासपा ने मिलकर लड़ा था। हालांकि, बाद में पलटी मारते हुए सुभासपा एनडीए का हिस्सा हो गई। इसलिए सपा अब्बास अंसारी को अपना ही वोट मानकर चल रही है। इन परिस्थितियों में इस चुनाव में सपा के लिए भी हर वोट का बड़ा महत्व है। बताते हैं कि सपा के रणनीतिकार वोटिंग से तीन से चार दिन पहले इन विधायकों को मतदान की अनुमति के लिए संबंधित कोर्ट में आवेदन करेंगे।
विज्ञापन
मतदान के लिए अतीक को दिलाया गया था फर्लो
वर्ष 2008 में तत्कालीन सपा सांसद अतीक अहमद को भी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए केंद्र सरकार ने फर्लो (थोड़े दिन के लिए जेल से छुट्टी) दिलाई थी। यह अविश्वास प्रस्ताव तत्कालीन मनमोहन सरकार के खिलाफ लाया गया था। लेकिन, इसमें दिलचस्प बात यह रही कि अतीक ने अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान दिया। जबकि, उस समय सपा यूपीए सरकार के पक्ष में खड़ी थी।
विधानसभा अध्यक्ष को भी जेल से विधायक को बुलाने का अधिकार : अफजाल
गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी कहते हैं कि जेल में बंद जनप्रतिनिधि को कोर्ट की अनुमति से मतदान के लिए लाया जा सकता है। बंदी जनप्रतिनिधि जेल अधीक्षक को इस संबंध में अपनी अर्जी दे सकता है या फिर अपने अधिवक्ता के माध्यम से संबंधित कोर्ट में भी अर्जी लगा सकता है। अफजाल अंसारी कहते हैं कि विधानसभा अध्यक्ष को भी यह अधिकार है कि वह सीधे जेल अधीक्षक को पत्र भेजकर विधायक को मतदान के दिन उपस्थित रहने के निर्देश दे सकें। लेकिन, वर्तमान व्यवस्था में यह मुमकिन नहीं हैं। इसलिए कोर्ट का ही सहारा लेना पड़ेगा।