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देश में गृहयुद्ध का खतरा, परिवर्तन जरूरी: राजनाथ
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 23 Aug 2013 11:48 PM IST
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनी तो खुदरा कारोबार में एफडीआई को इजाजत नहीं दी जाएगी।
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व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘व्यापारी आयोग’ गठित किया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों को आर्थिक मदद को ‘व्यापारी क्रेडिट कार्ड’ मुहैया कराने की योजना शुरू की जाएगी। पेंशन भी देंगे।
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वह शुक्रवार को यहां रवींद्रालय में भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ की तरफ से आयोजित व्यापारी सम्मेलन में बोल रहे थे। सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे पर बुरी तरह फेल हो गई है।
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महंगाई पर काबू लगाना और रुपये की कीमत संभालना उसके वश का नहीं रहा। देश में गृहयुद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है। देश के सम्मान व स्वाभिमान को बचाने के लिए भाजपा को सत्ता में लाना होगा।
सिंह ने व्यापारियों, किसानों और अन्य सभी लोगों से लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा मतदान करने का आह्वान किया।
अटल तो अर्थशास्त्री नहीं थे
राजनाथ ने कहा कि अटल विहारी वाजपेयी अर्थशास्त्री नहीं थे लेकिन उन्होंने न सिर्फ महंगाई पर काबू पाने में सफलता पाई थी बल्कि रुपये की कीमत को भी संभाला था।
पर आज एक अर्थशास्त्री देश का प्रधानमंत्री है लेकिन न महंगाई रुक रही है और न रुपये की कीमत में गिरावट। केंद्र की मौजूदा सरकार देश के लगभग पांच करोड़ खुदरा कारोबारियों की किस्मत को विदेशियों के हाथों सौंपने पर आमादा है।
कहा कि विदेशी पूंजीनिवेश के बगैर भी देश की अर्थव्यवस्था बदल सकती है। उन्होंने कहा, बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में विदेशी निवेश पर भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश स्वीकार करने का मतलब देश की अर्थव्यवस्था की डोर विदेश को सौंप देना है।
सपा-बसपा कब से हो गईं व्यापारी हितैषी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंह ने कहा कि सपा और बसपा व्यापारियों की हितैषी नहीं हैं। एक समय सपा के लोग कहते थे कि सरकार में आए तो वैट नहीं लागू होने देंगे।
लेकिन सत्ता में आने पर वादा भूल गए। कहा, सपा व बसपा अगर व्यापारियों के हितैषी हैं तो व्यापारियों के हितों पर चोट करने वाली कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लें।