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बेटे पर दुखी राजनाथ, बोले सब जानते हैं पत्रकार

Fri, 29 Aug 2014 12:52 PM IST
अनिल कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 29 Aug 2014 12:52 PM IST
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Rajnath Singh avoids question on his son.

राजधानी पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहज दिखने की कोशिशें करते रहे। कार्यकर्ताओं को उपचुनाव में जुटने का जोश भरते, उनका हालचाल लेते वे यह दिखाने की कोशिश करते रहे कि सब कुछ सामान्य है।

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पर, बेटे पंकज सिंह पर लगे आरोपों का सवाल उनका पीछा करता रहा। एयरपोर्ट से कालिदास स्थित अपने आवास पहुंचे राजनाथ ने सबसे पहले विधानसभा की पूरब सीट के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से उपचुनाव में प्रत्याशी गोपाल टंडन के लिए जुटने को कहा।
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उन्होंने कहा कि उपचुनाव को आम चुनाव की तरह ही लें। कहीं कोई चूक नहीं रहनी चाहिए। एक-एक बूथ तक कार्यकर्ताओं की फौज जुटे। राजनाथ के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व महापौर डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, वरिष्ठ नेता लालजी टंडन, महानगर अध्यक्ष मनोहर सिंह और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अशोक तिवारी ने भी कार्यकर्ताओं से बातचीत की। आप लोग तो सब जानते हैं।

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बेटे के बारे में कुछ नहीं बोले राजनाथ

Rajnath Singh avoids question on his son.

पूरब क्षेत्र के लोगों से मुलाकात के बाद राजनाथ आसपास के जिलों से आए कार्यकर्ताओं से मिले। बाराबंकी से आए सुधीर कुमार सिद्धू व रामनरेश रावत की पीठ पर हाथ रखकर हालचाल पूछा।

किसी ने दबी जुबान से पंकज पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताने की कोशिश की तो राजनाथ बोले, ‘आप लोग तो सब जानते ही हैं।’

इस बीच कुछ लोगों ने उन्हें विभिन्न कामों के लिए अपने कागज सौंपे। उन्होंने केपी सिंह को बुलाकर उन्हें कागज सहेजने को कहा। किसी के कंधे पर हाथ रखकर तो किसी की पीठ पर धौल जमाकर तो किसी का हाथ पकड़कर हालचाल पूछा।

इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना

Rajnath Singh avoids question on his son.

विधान परिषद में नेता हृदयनारायण दीक्षित व परिषद के सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह से मिलते हुए पत्रकारों के बीच पहुंचे तो वहां भाजपा के कई नेता भी बैठे थे।

इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ल, पूर्व प्रदेश महामंत्री विंध्यवासिनी कुमार थे। उन्होंने पत्रकारों से लखनऊ की चुनावी स्थिति के बारे में बातचीत करनी शुरू कर दी।

पत्रकारों की जिज्ञासा दिल्ली घटनाक्रम पर सवाल पूछने की थी। सवाल उछाला गया तो बोले, ‘आप लोगों से क्या बताना। मेरे बारे में कम से कम लखनऊ के पत्रकार सब कुछ जानते ही हैं। अब इस मुद्दे पर कुछ बोलना नहीं चाहता।’ बातचीत आगे बढ़ी।

लालजी टंडन पर ली चुटकी

Rajnath Singh avoids question on his son.

लखनऊ में विधानसभा के उपचुनाव से शुरू होकर लालजी टंडन की वरिष्ठता और भाजपा कार्यालय में उनकी व्यवस्था की यादें ताजा होने लगी। एक-दूसरे की चुटकी ली जाने लगी।

महापौर डॉ. दिनेश शर्मा बोले कि गोपालजी (लालजी टंडन के पुत्र) टंडनजी से ज्यादा पॉपुलर हैं। राजनाथ बोले, टंडनजी भी अपने समय में कम पॉपुलर नहीं रहे हैं। लखनऊ में तो हम सभी का ठिकाना टंडनजी ही थे।

इसी बीच, पत्रकारों ने फिर दिल्ली घटनाक्रम को लेकर फिर सवाल दागा तो बोले, ‘समय चक्र है। सच्चाई विधाता जानता है। समय का इंतजार करिए। सच सामने आ जाएगा।’

किसी ने पूछा कि आपको तो मालूम ही हो गया होगा कि यह सब साजिश किसने रची, राजनाथ सिर्फ मुस्करा दिए।

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