मौत से पहले यूपी में बेरोजगारों से राजीव गांधी ने किया था ये वादा
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18 मई 1991 की शाम करीब 3:00 बजे बांदा के डीएवी कालेज ग्राउंड पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
भाषण का अंतिम दौर था कि भीड़ में एक युवक ने सवाल दागा ‘बेरोजगारों के लिए आप क्या करेंगे’? भाषण खत्म कर चुके राजीव गांधी ने फिर माइक संभाला।
युवाओं से कहा कि मंच के नजदीक आ जाएं। इसके बाद सैकड़ों युवाओं का हुजूम बैरिकेडिंग पार कर मंच के नजदीक पहुंच गया। पुलिस ने रोकना चाहा तो राजीव गांधी ने कहा, ‘मत रोकिए इन्हें’।
युवाओं से सीधे मुखातिब होकर राजीव बोले कि, ‘हमारी सरकार युवाओं को बड़ी तादाद में रोजगार देगी। हमने पहले ही चरण में 20,000 नवजवानों को नौकरी देने का प्लान तैयार कर लिया है’।
यह सुनते ही युवा खुश हो गए और राजीव गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इसके बाद वे मंच के पीछे स्थित हेलीपैड से हेलीकाप्टर में बैठकर उड़े तो भीड़ ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।
हेलीकॉप्टर से उड़ाई साफी
राजीव गांधी ने ऊंचाई पर जाकर गले पर पड़ी साफी उड़ा दी, जिसे पाने के लिए युवा बेकाबू हो गए थे।
राजीव गांधी की 24वीं पुण्यतिथि पर यह सारा वाक्या एक बार फिर लोगों के दिलोदिमाग में ताजा हो गया है।
कहा जाता है कि यह उत्तर प्रदेश में राजीव गांधी की आखिरी जनसभा थी। 22 मई को सुबह यहां लोग जागे तो उन्हें खबर मिली कि राजीव गांधी नहीं रहे।
बम धमाके में उनको खत्म कर दिया गया। कुछ घंटे पहले जिस मुस्कुराते चेहरे को बेहद करीब से देखा था उसकी अप्रत्याशित मौत की खबर सुनकर पूरा बांदा शहर और गांवों में शोक छा गया।
जनसभाओं के बावजूद नहीं थी थकान
माहौल कुछ ऐसा हो गया जैसे मानो अपने ही घर का कोई खास नहीं रहा। दुकानें और बाजार लोगों ने खुद बखुद बंद कर दिए। राजीव गांधी की मौत पर बांदा में इसीलिए कुछ ज्यादा ही शोक छाया रहा कि वह चंद घंटे पहले उनके बीच में थे।
तत्कालीन कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद बताते हैं कि चुनाव के वक्त लगातार देश में रोजाना जन सभाओं के बावजूद राजीव के चेहरे पर थकान नहीं थी।
आज भारत कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक के क्षेत्र में आसमान छू रहा है तो वह राजीव गांधी की ही देन है। पूर्व सांसद रामनाथ दुबे बताते हैं कि कम उम्र में भी राजीव गांधी एक परिपक्व राजनेता के रूप में उभरे थे।