एससी-एसटी एक्ट में सवर्णों पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार, विवेचना के बाद हो गिरफ्तारी: राजा भैया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़ के कुंडा से पिछले लगातार पांच बार निर्दलीय विधायक के रूप विधानसभा में पहुंचने वाले पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने आज अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। नई पार्टी बनाने के एलान के बाद पहली बार प्रेस कांफ्रेंस करते हुए रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत सवर्णों के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। हम इसके विरोध में नही हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि मामले में पहले विवेचना हो फिर गिरफ्तारी हो। उन्होंने कहा कि संविधान की नजर में सब बराबर हैं। किसी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट पर आज विधानसभा व संसद में बहस नहीं हो रही है। ऐसे में आम जनता को पता ही नहीं चल पाता है कि क्या हो रहा है। भारत का नागरिक होने पर संविधान में सभी को समानता का अधिकार दिया गया है। अगर कोई जघन्य अपराध करे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए लेकिन किसी निर्दोष को सजा न मिले। उन्होंने कहा कि कानून में कहा गया है कि भले ही सौ अपराधी बच जाएं, लेकिन एक निर्दोष को सजा न मिले।
वहीं, उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण पर कहा कि इससे लोगों में निराशा फैलेगी। प्रमोशन का आधार वरिष्ठता और गुणवत्ता होनी चाहिए, जाति नहीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग जो सम्पन्न हैं उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। जो आईएएस व पीसीएस बन गए हैं उनके बच्चों को आरक्षण देने की जगह गरीबों को आरक्षण दें।
नई पार्टी बनाने पर उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश भर से लोगों का बेहतर समर्थन मिल रहा है। चुनाव आयोग से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने पर पार्टी की कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। हम जनता के मुद्दों को उठाएंगे।
राजाभैया 30 नवंबर को लखनऊ में अपने सम्मान समारोह के दौरान अलग दल की घोषणा करेंगे। एमएलसी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह ने चित्रकूट में कहा कि नई पार्टी का नाम जनसत्ता दल होगा। उन्होंने कहा यह दल आम जन की आवाज बनेगा।