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यूपी से विदा हुई बारिश: नेपाल बॉर्डर होते हुए अरब सागर लौटेगा मानसून, जानिए सर्दी पड़ने का क्या है अनुमान
Fri, 06 Oct 2023 10:44 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 06 Oct 2023 10:44 PM IST
सार
यूपी में बारिश विदा हो गई है। मानसून अब यूपी को छोड़कर रहा है। छिटपुट बारिश के अलावा अब कहीं पर जोरदार बारिश नहीं होगी।
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पूर्वांचल के कुछ हिस्सों के अलावा अब पूरे यूपी में बारिश के कम आसार हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लगभग तीन माह से भी अधिक समय के राजधानी में प्रवास के बाद मानसून ने विदाई ले ली। अब लखनऊ सहित आसपास के जिलों में बारिश के आसार नहीं हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसून की विदाई नेपाल बॉर्डर से शुरू होकर लखनऊ से होते हुए सतना, नागपुर, पुणे, अलीबाग होकर अरब सागर तक जा रही है। जो हिस्सों बचे हैं, वहां से दो-तीन दिन में विदाई हो जाएगी।
मानसून के जाने के बाद ऐसा नहीं है कि गर्मी लौट आएगी। दिन प्रतिदिन रात का पारा नीचे गिरना शुरू हो जाएगा। ओस गिरने की मात्रा बढ़ जाएगी। अक्तूबर के दूसरे पखवारे से गुलाबी ठंड पड़ने के आसार हैं।
अतुल कुमार सिंह के मुताबिक राजधानी से मानसून की विदाई हो गई है। बीते वर्षों की तुलना करें तो लखनऊ में सामान्य बारिश हुई। एक जून से तीस सितंबर के बीच 6 फीसदी कम बरसात रिकार्ड हुई। बीते छह वर्षों में सर्वाधिक बरसात 2018 में हुई थी। इस दौरान सामान्य से 41 फीसदी अधिक 967.7 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई थी। 2022 की तुलना में देखें तो इस साल पानी ज्यादा बरसा है।
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मानसून के जाने के बाद ऐसा नहीं है कि गर्मी लौट आएगी। दिन प्रतिदिन रात का पारा नीचे गिरना शुरू हो जाएगा। ओस गिरने की मात्रा बढ़ जाएगी। अक्तूबर के दूसरे पखवारे से गुलाबी ठंड पड़ने के आसार हैं।
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अतुल कुमार सिंह के मुताबिक राजधानी से मानसून की विदाई हो गई है। बीते वर्षों की तुलना करें तो लखनऊ में सामान्य बारिश हुई। एक जून से तीस सितंबर के बीच 6 फीसदी कम बरसात रिकार्ड हुई। बीते छह वर्षों में सर्वाधिक बरसात 2018 में हुई थी। इस दौरान सामान्य से 41 फीसदी अधिक 967.7 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई थी। 2022 की तुलना में देखें तो इस साल पानी ज्यादा बरसा है।
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