रेलवे ने जारी किए नियम: वंदेभारत में नहीं घुस सकेंगे यात्री को छोड़ने वाले लोग, गेट तक ही उनकी एंट्री
Rules of Vande Bharat train: वंदे भारत एक्सप्रेस में बीते दिनों एक व्यक्ति ट्रेन चलने के बाद उतर नहीं पाया था। इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद रेलवे बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वंदेभारत एक्सप्रेस की बोगियों में अब यात्रियों को स्टेशन पर छोड़ने आने वाले नहीं घुस सकेंगे। एक घटना को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इस बाबत एडवाइजरी जारी की है। कानपुर के रास्ते दिल्ली जाने वाली 22415 वाराणसी-नई दिल्ली वंदेभारत एक्सप्रेस में 17 नवंबर को बेटे को छोड़ने पहुंचे पिता रामविलास यादव ऑटोमेटिक दरवाजा बंद होने से बोगी सी-6 में ही कैद हो गए। इस वजह से उन्हें दिल्ली तक जाना पड़ा। जुर्माना समेत 2,870 रुपये देने पड़े। इसमें टिकट की कीमत 1830 रुपये शामिल रही।
रेलवे बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि वंदेभारत में यात्रियों को छोड़ने आने वाले प्लेटफॉर्म पर ही रुकें। ऑटोमेटिक दरवाजे बंद होने पर उन्हें अगले स्टेशन पर ही खोला जा सकता है। ऐसा न हो इसके लिए चारबाग रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है।
दिल्ली-लखनऊ के बीच एक फेरे के लिए आज विशेष ट्रेन
दिल्ली-लखनऊ रेल रूट पर यात्रियों के दबाव को देखते हुए रेलवे मंगलवार को दिल्ली-लखनऊ के बीच विशेष ट्रेन चलाएगा। 04216 दिल्ली-लखनऊ विशेष ट्रेन दिल्ली से सुबह पांच बजे चलेगी। इसके बाद 5:46 बजे गाजियाबाद, 8:15 बजे मुरादाबाद, 9:51 बजे बरेली आएगी। यहां से चलने के बाद 11 बजे शाहजहांपुर और दोपहर 2:30 बजे लखनऊ पहुंचेगी। ट्रेन में वातानुकूलित और स्लीपर श्रेणी के कोच लगाए गए हैं।
डबलडेकर समेत कई ट्रेनें घंटों लेट
ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों को परेशान कर रही है। गाड़ी संख्या 12,584 डबलडेकर एक्सप्रेस एक घंटे तक आलमनगर आउटर पर खड़ी रही। 15744 फरक्का एक्सप्रेस सोमवार को दिलकुशा आउटर पर खड़ी रही। 15127 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व 12876 नीलांचल एक्सप्रेस पांच घंटे तक लेट हुई। ट्रेन नंबर 22121 मुंबई लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस सोमवार को 12 घंटे की देरी से पहुंची।
निस्तारण के लिए गया भेजा
सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है। रेलखंड पर मरम्मत कार्य के चलते ट्रेनें देरी की शिकार हो रही हैं।- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे