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780 जर्जर आवास ध्वस्त करेगा रेलवे
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780 जर्जर आवास ध्वस्त करेगा रेलवे
रेलवे कॉलोनियों के 780 जर्जर व खंडहर हो चुके आवासों को रेलवे प्रशासन ध्वस्त करेगा। इसके लिए वहां अवैध रूप से रह रहे लोगों को भी हटाया जाएगा। रेलवे इन जर्जर भवनों की जगह नए आवास बनवाएगा।
राजधानी में उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे की 32 से ज्यादा कॉलोनियां हैं। जहां हजारों रेलकर्मी अपने परिजनों के साथ रहते हैं। बड़ी संख्या में अवैध रूप से भी लोग यहां रहते हैं। क्वार्टर किराए पर भी उठाए जाते हैं, जिनके खिलाफ आरपीएफ आए दिन कार्रवाई भी करती है। इन कॉलोनियों में जर्जर भवन भी हैं, जिन्हें रेलवे ने कंडम घोषित कर रखा है। पर, अवैध रूप से लोग इनमें भी रह रहे हैं। बारिश के दिनों में ये जर्जर भवन खतरा बन जाते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए मुख्यालय से पहले ही आदेश आ गए थे। लेकिन लॉकडाउन के चलते यह काम पेंडिंग था। अब रेलवे प्रशासन इन जर्जर आवासों को ध्वस्त करने की योजना बना रहा है। ध्वस्तीकरण के बाद इन आवासों की जगह नए भवन बनाए जा सकते हैं, इसे लेकर मंथन चल रहा है।
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रेलवे कॉलोनियों के 780 जर्जर व खंडहर हो चुके आवासों को रेलवे प्रशासन ध्वस्त करेगा। इसके लिए वहां अवैध रूप से रह रहे लोगों को भी हटाया जाएगा। रेलवे इन जर्जर भवनों की जगह नए आवास बनवाएगा।
राजधानी में उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे की 32 से ज्यादा कॉलोनियां हैं। जहां हजारों रेलकर्मी अपने परिजनों के साथ रहते हैं। बड़ी संख्या में अवैध रूप से भी लोग यहां रहते हैं। क्वार्टर किराए पर भी उठाए जाते हैं, जिनके खिलाफ आरपीएफ आए दिन कार्रवाई भी करती है। इन कॉलोनियों में जर्जर भवन भी हैं, जिन्हें रेलवे ने कंडम घोषित कर रखा है। पर, अवैध रूप से लोग इनमें भी रह रहे हैं। बारिश के दिनों में ये जर्जर भवन खतरा बन जाते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए मुख्यालय से पहले ही आदेश आ गए थे। लेकिन लॉकडाउन के चलते यह काम पेंडिंग था। अब रेलवे प्रशासन इन जर्जर आवासों को ध्वस्त करने की योजना बना रहा है। ध्वस्तीकरण के बाद इन आवासों की जगह नए भवन बनाए जा सकते हैं, इसे लेकर मंथन चल रहा है।
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