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Lucknow News: ठंडे पानी को तरस रहे रेल यात्री
Tue, 23 May 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 23 May 2023 12:13 AM IST
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रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर पेयजल की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। भले ही जलापूर्ति में कोई दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन चिलचिलाती गर्मी में यात्रियों को ठंडा पानी मिलना संभव नहीं हो रहा है। ज्यादातर टोटियां गर्म पानी उगल रही हैं। कुछ टोटियों में सादा पानी आता है, जो यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए नाकाफी है। अगर कभी किसी टोटी से ठंडा पानी आने लगता है तो यात्रियों के बीच धक्कामुक्की होने लगती है। रेलवे स्टेशन से रोजाना 30 से 35 ट्रेनें गुजरती हैं, जिनसे सफर करने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 25 हजार है।
स्टेशन अधीक्षक कक्ष के बगल में तीन टोटियां लगी हैं, जिनमें एक नल ठंडे पानी वाला तो बाकी सादे पानी वाला हैं। इसी वाटर बूथ की ठंडे पानी वाले नल में कभी-कभी शीतल जल आता है। ऐसा होने पर यात्री टूट पड़ते हैं। हर कोई अपनी बोतल में पानी भरने या प्यास बुझाने के लिए धक्कामुक्की करता रहता है। एक-डेढ़ घंटे बाद इस टोंटी से भी सादा पानी उगलने लगता है। प्लेटफार्म नंबर एक पर फ्रीजर भी लगे हैं, लेकिन इनमें ठंडा पानी नहीं मिलता है। फ्रीजर में पानी ठंडा होने का समय ही नहीं मिल पाता है, क्योंकि फ्रीजर से मिलने वाले सादे पानी को भरने के लिए हर समय यात्रियों की भीड़ लगी रहती है।
प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर लगी सभी टोटियां गर्म पानी उगलती हैं। यात्री विमलेश ने कहा कि उन्हें लखनऊ जाना है। रास्ते में कहीं पानी मिलने की संभावना नहीं है। इसलिए यहीं से सादा पानी भर लिया। हालांकि रास्ते में पानी गर्म हो जाएगा। परिवार के साथ लखनऊ जाने के लिए बैठी आकांक्षा ने बताया कि ठंडा पानी मिल जाता तो ठीक था। जो पानी लेकर घर से आए थे, वो यहीं पर खत्म हो गया। लखनऊ से दूसरी ट्रेन पकड़नी है, इसलिए लखनऊ में ही वाटर कूलर में पानी भर लेंगे। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि पेयजल व्यवस्था ठीक है। पानी ठंडा होने में समय लगता है।
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डलमऊ। गर्मी में पानी का संकट हर तरफ है तो इस समस्या से रेलवे स्टेशन भी अछूता नहीं है। डलमऊ जंक्शन पर यात्रियों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है, क्योंकि यहां पर लगे वाटर कूलर से एक बूंद पानी की नहीं टपकती है। पानी पीने के लिए स्टेशन के बाहर जाना पड़ता है या फिर दुकानों से बोतल खरीदनी पड़ती है। प्लेटफार्म की हालत खराब है। ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से यात्रियों के गिरकर चोटिल होने या किसी ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। नियमित सफाई न होने से हर तरफ कूड़े के ढेर नजर आते हैं। पैदल पुल न होने की वजह से रेल लाइन पार करना मजबूरी है, जिससे हादसे का अंदेशा बना रहता है। स्टेशन का इंदिरा पार्क बदहाल हो चुका है। यात्री मुकेश कुमार, असगर अली, मिंटू तिवारी, राकेश जायसवाल, उदय शंकर ने कहा कि स्टेशन पर व्याप्त अव्यवस्थाओं के संबंध में कई बार रेलवे अफसरों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्टेशन मास्टर अशोक कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों को अव्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया जा चुका है।
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स्टेशन अधीक्षक कक्ष के बगल में तीन टोटियां लगी हैं, जिनमें एक नल ठंडे पानी वाला तो बाकी सादे पानी वाला हैं। इसी वाटर बूथ की ठंडे पानी वाले नल में कभी-कभी शीतल जल आता है। ऐसा होने पर यात्री टूट पड़ते हैं। हर कोई अपनी बोतल में पानी भरने या प्यास बुझाने के लिए धक्कामुक्की करता रहता है। एक-डेढ़ घंटे बाद इस टोंटी से भी सादा पानी उगलने लगता है। प्लेटफार्म नंबर एक पर फ्रीजर भी लगे हैं, लेकिन इनमें ठंडा पानी नहीं मिलता है। फ्रीजर में पानी ठंडा होने का समय ही नहीं मिल पाता है, क्योंकि फ्रीजर से मिलने वाले सादे पानी को भरने के लिए हर समय यात्रियों की भीड़ लगी रहती है।
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प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर लगी सभी टोटियां गर्म पानी उगलती हैं। यात्री विमलेश ने कहा कि उन्हें लखनऊ जाना है। रास्ते में कहीं पानी मिलने की संभावना नहीं है। इसलिए यहीं से सादा पानी भर लिया। हालांकि रास्ते में पानी गर्म हो जाएगा। परिवार के साथ लखनऊ जाने के लिए बैठी आकांक्षा ने बताया कि ठंडा पानी मिल जाता तो ठीक था। जो पानी लेकर घर से आए थे, वो यहीं पर खत्म हो गया। लखनऊ से दूसरी ट्रेन पकड़नी है, इसलिए लखनऊ में ही वाटर कूलर में पानी भर लेंगे। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि पेयजल व्यवस्था ठीक है। पानी ठंडा होने में समय लगता है।
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डलमऊ। गर्मी में पानी का संकट हर तरफ है तो इस समस्या से रेलवे स्टेशन भी अछूता नहीं है। डलमऊ जंक्शन पर यात्रियों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है, क्योंकि यहां पर लगे वाटर कूलर से एक बूंद पानी की नहीं टपकती है। पानी पीने के लिए स्टेशन के बाहर जाना पड़ता है या फिर दुकानों से बोतल खरीदनी पड़ती है। प्लेटफार्म की हालत खराब है। ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से यात्रियों के गिरकर चोटिल होने या किसी ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। नियमित सफाई न होने से हर तरफ कूड़े के ढेर नजर आते हैं। पैदल पुल न होने की वजह से रेल लाइन पार करना मजबूरी है, जिससे हादसे का अंदेशा बना रहता है। स्टेशन का इंदिरा पार्क बदहाल हो चुका है। यात्री मुकेश कुमार, असगर अली, मिंटू तिवारी, राकेश जायसवाल, उदय शंकर ने कहा कि स्टेशन पर व्याप्त अव्यवस्थाओं के संबंध में कई बार रेलवे अफसरों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्टेशन मास्टर अशोक कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों को अव्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया जा चुका है।