नेटवर्क के बिना भी रेल में सुरक्षा करेंगा ये मोबाइलऐप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चलती ट्रेन में चोरी, छेड़छाड़, छिनैती जैसे अपराध होने पर अब रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों को तत्काल मदद मुहैया कराएगा। आरपीएफ ने इसके लिए खास मोबाइल एप्लिकेशन ‘आर मित्र’ लॉन्च किया है। इसे एंड्रॉयड वर्जन के मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकता है।
इसके जरिये शिकायत करने पर आरपीएफ के पास शिकायतकर्ता की लोकेशन भी पहुंचेगी, जिससे उसकी तत्काल मदद की जा सकेगी। चलती रेलगाड़ी में अक्सर यात्रियों को सुरक्षा संबंधी तमाम समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है।
ऐसे में कई बार रेलवे के इमरजेंसी नंबर मदद के लिए नाकाफी साबित होते हैं। इसे देखते हुए ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के मकसद से यह मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया गया है।
ट्रेन के सफर के दौरान चोरी, छेड़छाड़ या अन्य अपराधों से संबंधित शिकायत के लिए इस एप को खोलकर सिर्फ विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके साथ ही यात्री की समस्या व उसकी लोकेशन संबंधित जोनल सिक्योरिटी कंट्रोल तक पहुंच जाएगी और उसे नजदीक के आरपीएफ थाने से तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी।
शिकायत का निपटारा होने के बाद आरपीएफ की ओर से एक फीडबैक कॉल भी शिकायतकर्ता के पास जाएगी। आरपीएफ का दावा है कि यह एप्लिकेशन महिलाओं के अलावा बुजुर्ग और बच्चों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
सफर के दौरान होगा रिजर्वेशन
इसके अलावा यदि मोबाइल पर इंटरनेट नेटवर्क नहीं आ रहा है तो भी इस एप्लिकेशन में दिए हेल्प बटन को दबाकर सहायता ली जा सकती है। ऐसा करने से कंट्रोल को यात्री की लोकेशन के साथ एक मैसेज पहुंच जाएगा और उसे मदद मुहैया कराई जा सकेगी।
आरपीएफ कमांडेंट हेमंत कुमार के मुताबिक हुबली में इस एप्लिकेशन का ट्रायल शुरू हुआ है। सफल होने पर इसे उत्तर एवं पूर्वोत्तर रेलवे डिवीजन में भी लॉन्च किया जाएगा।
वहीं एक और राहत भरी खबर है कि चार्ट बनने के बाद कैंसिल होने वाले रिजर्वेशन की जानकारी अब ट्रेन में चलने वाले टीटी को तत्काल मिल सकेगी। रेलवे प्रशासन जल्द ही टीटी को ऐसे टैबलेट मुहैया कराने जा रहा है, जिससे उसे यात्रा के कुछ मिनट पहले से लेकर यात्रा के दौरान कैंसिल होने वाले रिजर्वेशन की जानकारी मिलती रहेगी।
इससे वह ट्रेन में यात्रियों को आवश्यकतानुसार सीट रिजर्व कर सकेगा। यात्री को रिजर्वेशन टिकट भी जारी किया जाएगा। इससे जहां रेलवे का राजस्व बढ़ेगा, वहीं भ्रष्टाचार कम करने में भी मदद मिलेगी।