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Lucknow News: फायर सेफ्टी की अनेदखी के कारण लपटों से घिरा रेलवे अस्पताल

Tue, 28 Oct 2025 02:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 02:45 AM IST
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Railway hospital engulfed in flames due to negligence in fire safety
आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम।  - फोटो : अमर उजाला

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आनंद नगर स्थित रेलवे अस्पताल में फायर सेफ्टी ऑडिट की अनदेखी के कारण ही आग की घटना हुई और मुश्किल से मरीजों की जान बची। अग्निशमन ऑडिट की संस्तुतियों पर ढाई करोड़ रुपये के कार्यों का प्रस्ताव बनाया गया, लेकिन करीब सालभर बाद भी प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ। लंबित पड़े हैं। वहीं, अस्पताल के सर्वर रूम में एसी नहीं था। सिग्नल टेलीकम्युनिकेशन विभाग में कर्मचारी की तैनाती नहीं थी।

जानकारी के अनुसार अस्पताल में हादसे के वक्त 130 मरीज थे, जिनकी जान बच गई। रेलवे सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। आग से बचाव को लेकर गत वर्ष राज्य सरकार से रेलवे प्रशासन ने थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिट करवाई थी। इसमें आग से बचाव के उपाय नदारद मिले। ऑडिट की रिपोर्ट में फायर स्प्रिंकलर, अग्निशमन यंत्र, वाटर हाइड्रेंट, स्टोरेज के लिए पानी के टैंक बनाने के लिए कहा गया था। इसके बाद इन कार्यों को कराने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया, लेकिन यह प्रस्ताव अभी भी लंबित है। सोमवार को हुए हादसे के बाद डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में जहां-जहां वायरिंग खुली हुई है, उस तत्काल बंद किया जाएगा। अग्निशमन यंत्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही सुरक्षा के अन्य उपाय भी किए जाएं।
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अफसरों की दलील...पुरानी है बिल्डिंग

सूत्र बताते हैं कि फायर सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट में जो संस्तुतियां की गईं, उन पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। अफसरों की दलील थी कि अस्पताल की बिल्डिंग पुरानी होने के कारण फायर स्प्रिंकलर लगाने, वाटर हाइड्रेंट व वाटर स्टोरेज आदि के काम नहीं हो सकते हैं।
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हर तीसरे महीने होती है जांच, फिर भी चूक



रेलवे अस्पतालों की आंतरिक सेफ्टी ऑडिट मंडल स्तर पर लगातार होती है। औसतन हर तीसरे से चौथे महीने रेलवे अस्पताल का ऑडिट होता है। यह अफसर व सुपरवाइजर स्तर पर की जाती है। आंतरिक सेफ्टी ऑडिट होने के बावजूद आग से बचाव नहीं होना बड़ी चूक है। घटना के बाद अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता सागर और कई डाक्टर सवालों के जवाब देने से बचते नजर आए।





यात्री बोले, मुंह को आ गई थी जान



क्रिटिकल केयर वार्ड में बेड नंबर 15 पर देवेंद्र नाथ चतुर्वेदी भर्ती थे। उन्हें हादसे के बाद बाहर निकाला गया। देवेंद्र नाथ ने बताया कि चिल्ड्रेन वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। हादसे की सूचना पर ऐसा लगा, जैसे जान मुंह में आ गई हो। सांस की बीमारी से ग्रसित बिजनौर रोड निवासी रामा देवी बेड नंबर 16 पर भर्ती थीं। उन्होंने बताया कि नजारा डराने वाला था। छह नंबर बेड के मरीज नासिर हुसैन को भी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।







जांच के लिए टीम गठित

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि इंडोर अस्पताल के सर्वर रूम में आग के मामले को लेकर जांच टीम गठित कर दी गई है। सात सदस्यीय टीम जांच करेगी। इसमें सीनियर डीएसटीई, सीनियर डीएसओ, सीनियर डीईई के अतिरिक्त मेडिकल, आरपीएफ आदि के अफसर भी होंगे। जांच रिपोर्ट डीआरएम सुनील कुमार वर्मा को सौंपी जाएगी।





अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी

सीएफओ ने बताया कि अस्पताल में अग्निशमन के उपकरण नहीं थे। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। जवाब के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, लोकबंधु अस्पताल में हुई अग्निकांड के बाद भी उत्तर रेलवे मंडल अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। इसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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फायर सेफ्टी ऑडिट की संस्तुतियों पर ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था, जिसके लिए जल्द ही टेंडर होंगे। इसके अतिरिक्त आंतरिक सेफ्टी ऑडिट भी कराए जाते हैं। अस्पताल में खुली हुई वायरिंग बंद की जाएंगी। अग्निशमन यंत्र लगाए जाएंगे।


-कुलदीप तिवारी, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। 

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। 

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। 

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। 

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। 

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। 

आग की घटना के बाद मरीजों को निकालते दमकल कर्मी एवं अस्पताल में आग से बचाव के नदारद इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला

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