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फर्जी कॉल से रेलकर्मी हो रहे परेशान
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लखनऊ। ‘भोपाल डिवीजन से डीएफएम बोल रहा हूं। क्या ये आपका सीयूजी नंबर है या फिर पर्सनल।’ दूसरी ओर से, यही सीयूजी व पर्सनल नंबर है। ‘लाइन पर बने रहिए, आपको लिंक दिया जाएगा, जिस पर आपको पे-स्लिप फॉरवर्ड करनी होगी।’ ठीक है। ‘इसके बाद बैंक डिटेल, ओटीपी व आधार नंबर बताना होगा।...’
यह बातचीत है उत्तर रेलवे के एक रेलकर्मी और उसके मोबाइल पर आई एक कॉल की जिसकी जांच में पता लगा है कि कॉल फर्जी थी। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के तहत तैनात रेलकर्मियों को ऐसी फर्जी कॉल कर ठगी का शिकार बनाने के प्रयास बढ़ते जा रहे हैं, हालांकि सक्रियता से रेलकर्मी इन झांसों में नहीं फंस रहे हैं। एनई रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री अजय वर्मा ने बताया कि यूनियन से जुड़े कई रेलकर्मियों की ओर से ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसमें आला अधिकारियों के नाम लेकर उनसे अकाउंट व बैंक की डिटेल मांगी जा रही है। मामले सुरक्षा अधिकारियों को फॉरवर्ड कर दिए गए हैं। मंडल स्तर पर रेलकर्मियों को जागरूक करने के अभियान चल रहे हैं।
बता दें कि उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में करीब 35 हजार से अधिक रेलकर्मी तैनात हैं और हर हफ्ते ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। जबकि लॉकडाउन के दौरान प्रतिदिन तीस से चालीस फर्जी कॉल्स आ रही थीं। जहां ठगी के लिए फोन किया जाता है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने रेलकर्मियों से अपील की है कि किसी भी कॉल पर अपने बैंक, एकाउंट, सर्विस, आधार नंबर आदि की जानकारियां न साझा करें। रेलवे ऐसी कोई भी जानकारी फोन पर नहीं मांगता।
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अकाउंट नंबर दो, वरना रुक जाएगी सैलरी
पूर्वोत्तर रेलवे की एक वर्कशॉप में तैनात रेलकर्मी को फर्जी फोन कॉल आई। रेलकर्मी ने बताया कि दूसरी ओर से अकाउंट डिपार्टमेंट के एक आला अधिकारी का नाम लेते हुए कहा गया कि अकाउंट डिटेल दो। जब रेलकर्मी ने ऐसा करने से मना कर दिया तो फर्जी कॉल करने वाले ने कहा कि डिटेल नहीं दी तो सैलरी रुक जाएगी।
बड़े अफसरों के नाम पर बना रहे दबाव
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीतापुर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत एक रेलकर्मी के पास मंडल कार्यालय के एडीएफएम के नाम से फोन आया। जो अकाउंट नंबर व सैलरी की डिटेल मांग रहे थे। चूंकि, रेलकर्मी एनई रेलवे मेंस यूनियन से जुड़ा हुआ था, लिहाजा उसने तत्काल यूनियन नेता से संपर्क कर सूचना दी। जिसकी पड़ताल केबाद कॉल केफर्जी होने का खुलासा हुआ। फर्जीवाड़े के इस पूरे खेल में मुख्यालय व मंडल कार्यालय में तैनात आला अधिकारियों के नाम इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
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यह बातचीत है उत्तर रेलवे के एक रेलकर्मी और उसके मोबाइल पर आई एक कॉल की जिसकी जांच में पता लगा है कि कॉल फर्जी थी। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के तहत तैनात रेलकर्मियों को ऐसी फर्जी कॉल कर ठगी का शिकार बनाने के प्रयास बढ़ते जा रहे हैं, हालांकि सक्रियता से रेलकर्मी इन झांसों में नहीं फंस रहे हैं। एनई रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री अजय वर्मा ने बताया कि यूनियन से जुड़े कई रेलकर्मियों की ओर से ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसमें आला अधिकारियों के नाम लेकर उनसे अकाउंट व बैंक की डिटेल मांगी जा रही है। मामले सुरक्षा अधिकारियों को फॉरवर्ड कर दिए गए हैं। मंडल स्तर पर रेलकर्मियों को जागरूक करने के अभियान चल रहे हैं।
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बता दें कि उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में करीब 35 हजार से अधिक रेलकर्मी तैनात हैं और हर हफ्ते ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। जबकि लॉकडाउन के दौरान प्रतिदिन तीस से चालीस फर्जी कॉल्स आ रही थीं। जहां ठगी के लिए फोन किया जाता है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने रेलकर्मियों से अपील की है कि किसी भी कॉल पर अपने बैंक, एकाउंट, सर्विस, आधार नंबर आदि की जानकारियां न साझा करें। रेलवे ऐसी कोई भी जानकारी फोन पर नहीं मांगता।
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अकाउंट नंबर दो, वरना रुक जाएगी सैलरी
पूर्वोत्तर रेलवे की एक वर्कशॉप में तैनात रेलकर्मी को फर्जी फोन कॉल आई। रेलकर्मी ने बताया कि दूसरी ओर से अकाउंट डिपार्टमेंट के एक आला अधिकारी का नाम लेते हुए कहा गया कि अकाउंट डिटेल दो। जब रेलकर्मी ने ऐसा करने से मना कर दिया तो फर्जी कॉल करने वाले ने कहा कि डिटेल नहीं दी तो सैलरी रुक जाएगी।
बड़े अफसरों के नाम पर बना रहे दबाव
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीतापुर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत एक रेलकर्मी के पास मंडल कार्यालय के एडीएफएम के नाम से फोन आया। जो अकाउंट नंबर व सैलरी की डिटेल मांग रहे थे। चूंकि, रेलकर्मी एनई रेलवे मेंस यूनियन से जुड़ा हुआ था, लिहाजा उसने तत्काल यूनियन नेता से संपर्क कर सूचना दी। जिसकी पड़ताल केबाद कॉल केफर्जी होने का खुलासा हुआ। फर्जीवाड़े के इस पूरे खेल में मुख्यालय व मंडल कार्यालय में तैनात आला अधिकारियों के नाम इस्तेमाल किए जा रहे हैं।