रेलवेबोर्ड चेयरमैन की अधिकारियों को खरी-खरी, बोले कमरे से भी निकला करें
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रेलवे बोर्ड चेयरमैन एके मित्तल ने मंगलवार शाम चारबाग रेलवे स्टेशन व लखनऊ जंक्शन का दौरा किया। इस दौरान स्टेशन पर बंद मिले डिस्प्ले बोर्ड, गंदगी और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अफसरों को खरी-खरी सुनाई।
उन्होंने मातहतों से कहा कि अधिकारियों से कहिए कि कमरे से भी निकला करें। साथ ही लखनऊ जंक्शन के कैब-वे के रास्ते में आ रही रुकावटों को दूर करने और एस्केलेटर व लिफ्ट के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
रिसर्च डिजाइंस एंड स्टैंडर्डर्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) में गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद चेयरमैन एके मित्तल स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने चारबाग में बुकिंग काउंटर पर लगी लोहे की जाली को हटवाकर कांच लगवाने को कहा।
यहां से प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़े तभी टूटे मेटल डिटेक्टरों को देखकर रुक गए। प्लेटफार्म नंबर एक से पांच के लिए बने अंडरपास में गंदगी, टपकते पानी और मच्छरों को देखकर नाराजगी जताई।
इसके बाद वह फुट ओवरब्रिज, बुकिंग हाल होते हुए जंक्शन स्टेशन पहुंचे। कैब वे के रास्ते में मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री के पास कूड़े का ढेर देखकर संबंधित अधिकारी को तलबकर कहा ‘जमीन को डंपिंग ग्राउंड बना रखा है, यहां सफाई कराओ’।
निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के डीआरएम अनिल कुमार लाहोटी, पूर्वोत्तर रेलवे डीआरएम आलोक सिंह, सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ल व नीलिमा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी लोहानी, सीनियर डीईएन जितेन्द्र कुमार सहित दीपू श्याम मौजूद रहे।
चेयरमैन ने प्लेटफार्म नंबर एक पर बंद पड़े डिस्प्ले बोर्डों को देखकर आला अफसरों से कहा-‘इससे पहले कभी स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए आए हैं या मेरे साथ ही आ रहे हैं।’ तुरंत डिस्प्ले बोर्ड दुरुस्त कराए जाएं।
जंक्शन स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह को वीआईपी प्लेटफॉर्म माना जाता है। निरीक्षण के दौरान चेयरमैन को वाटर कूलर से पानी लीक होकर प्लेटफार्म पर बहता मिला। इस पर उन्होंने कहा कि अपने मातहतों से कहें कि वह कमरे से निकलकर व्यवस्थाएं सुधारें।
एके मित्तल ने लखनऊ जंक्शन के कैब-वे का निरीक्षण कर रास्ते में आ रही अड़चनों पर अधिकारियों से बात की। बता दें कि कैब वे के रास्ते में मजदूर यूनियन का दफ्तर व पार्सल घर की बिल्डिंग है, जिसे हटाने की लंबे समय से बात चल रही है।
ऑन डिमांड टिकट के लिए अभी करना पड़ेगा इंतजार
बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली से आठ अधिकारियों के सैलून आए थे, जबकि चारबाग में चार सैलून पहले से मौजूद थे। इससे शंटिंग के दौरान लखनऊ-प्रयाग व लखनऊ वाराणसी इंटरसिटी सहित करीब दर्जनभर ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिससे नाराज यात्रियों ने शिकायतें भी दर्ज कराईं।
इस पर चेयरमैन ने कहा कि अधिक सैलूनों से यात्रियों को दिक्कतें न हों, इसका आगे से ख्याल रखा जाएगा। चेयरमैन ने बताया कि सभी यात्रियों को आरक्षित टिकट मिलने की सुविधा वर्ष 2020 से पहले संभव नहीं है।
ऑन डिमांड टिकट के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, सिस्टम को अपग्रेड करने पर काम चल रहा है। वहीं बुलेट ट्रेन के सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि भारतीय रेल में जो ट्रैक हैं, उन पर मिक्स ट्रैफिक चलता है। यानी पैसेंजर, मालगाड़ी, मेल, एक्सप्रेस सब दौड़ती हैं।
जबकि बुलेट ट्रेन के लिए डेडीकेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसके लिए जापानी कंपनी से समझौता हुआ है। इसकी लागत 70 हजार करोड़ है, जो काम पूरा होने तक एक लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी।
स्टेशनों पर कंट्रोल सिस्टम में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए एक सिस्टम डवलप किया जा रहा है, जिसकी जानकारी जल्द ही दी जाएगी।
यह कहना था मंगलवार को अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) में आयोजित गवर्निंग काउंसिल की बैठक में रेलवे बोर्ड चेयरमैन एकेमित्तल का।
बैठक में यात्री सुविधाओं व सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही ट्रायल में शामिल ट्रेनों की गति बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि हाईस्पीड ट्रेनों को दूसरे कॉरिडोर पर चलाने पर भी बातचीत हुई।
इसके अतिरिक्त रेल फ्रैक्चर सरीखी समस्याओं से निपटने के लिए तकनीकी विकसित करने पर आरडीएसओ में काम किया जा रहा है। मीटिंग में आरडीएसओ के महानिदेशक पीके श्रीवास्तव सहित रेलवे बोर्ड सदस्य (रोलिंग स्टॉक) हेमंत कुमार, सदस्य(ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद, सदस्य(ट्रैक्शन) एकेकपूर, सदस्य(स्टाफ) प्रदीप कुमार, फाइनेंस कमिश्नर भी शामिल रहे।