राहुल गांधी: पिछली बैठक में सांसद ने पकड़ा था रोजगार दिलाने में घालमेल, 130 दिन के बाद भी नहीं मिला ब्योरा
Rahul Gandhi: दिशा की पिछली बैठक में सांसद राहुल गांधी ने युवाओं को रोजगार में घालमेल की आशंका जताते हुए सभी 1107 लाभार्थियों की जांच कराने का निर्देश दिया था।
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सदन के नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली के सांसद राहुल गांधी को 25 लाभार्थियों का ब्योरा 130 दिन में भी नहीं मिल सका। सांसद ने बीती 29 अप्रैल को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में युवाओं को रोजगार दिलाने में घालमेल पकड़ा था।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के 1107 लाभार्थियों की सूची सांसद को दी गई थी, जिसमें उन्हाेंने 25 लाभार्थियों की रैंडम जांच कराई तो सच सामने आ गया। 25 में मात्र तीन लाभार्थियों को ही रोजगार मिलने की पुष्टि हुई थी।
सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि ऐसी भ्रामक सूची न भेजी जाए। 25 लाभार्थियों का ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए कहा था। सांसद के स्तर से रैंडम जांच में आठ लोग सेवायोजित नहीं मिले तो 12 लाभार्थी काम छोड़कर चले गए। एक लाभार्थी को प्रशिक्षण नहीं दिलाया गया तो एक अन्य ने कोरोना के कारण प्रशिक्षण ही नहीं लिया था।
प्रश्नगत 25 सेवायोजित लाभार्थियों की सूची सांसद राहुल गांधी को 31 जुलाई को पत्र संख्या 100 के माध्यम से ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन अब तक ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
371 लाभार्थियों को ढूढ़ने में नाकाम हुए अफसर
किसानों को मुआवजे के लिए मुकदमा करने की सलाह
दिशा के नामित सदस्य गौरव अवस्थी ने पिछली बैठक में डलमऊ क्षेत्र के ऐहार गांव के किसानों को गंगा एक्सप्रेसवे में जमीन जाने के बाद मुआवजा न मिलने का मामला उठाया था। इस मामले में भूमि अध्याप्ति विभाग ने स्पष्ट किया कि मुआवजा तय होने के बाद किसानों को तहसीलदार के माध्यम से नोटिस दिया गया, लेकिन वे मुआवजा लेने नहीं आए। ऐसी स्थिति में मुआवजे के 1,36,97,407 रुपये पीठासीन अधिकारी भूमि अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन प्राधिकरण लखनऊ के खाते में जमा की गई। यहां वाद दायर करके किसान मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।