यूपी जीतने के लिए दादी इंदिरा के नक्शेकदम पर चलेंगे राहुल
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1977 में चौतरफा हार के बाद जिस तरह से अपनी नई पारी की शुरुआत कानपुर से की थी। उन्हीं के नक्शे कदम पर कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी चलने की तैयारी कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल अंबेडकर दिवस पर या फिर एक मई मजदूर दिवस के मौके पर महानगर से एक दलित और पिछड़ा बचाओ यात्रा निकालने की योजना है। जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हो सकती हैं।
पिछले दिनों कांग्रेस शहर इकाई का एक प्रतिनिधि मंडल रायबरेली जाकर सोनिया गांधी से मिला था। प्रतिनिधि मंडल की तरफ से मांग रखी गई थी कि, राष्ट्रीय अध्यक्ष कानपुर से यूपी मिशन 17 की शुरुआत करें। जिस पर उन्होंने हां में सिर हिलाया था।
एक दिन पहले लखनऊ में आयोजित राहुल गांधी की सभा में इस मसले पर कांग्रेसियों में फिर से चर्चा हुई। पार्टी इस यात्रा को लेकर कितना गंभीर है, यह तो नहीं कहा जा सकता है।
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लेकिन, मिशन यूपी में जोरदार तरीके से दस्तक देने के लिए कानपुर पर विशेष फोकस रखने की तैयारी है।
बताया जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पहले भी कांग्रेस के बड़े नेता कानपुर से यात्रा निकालकर प्रदेश को संदेश देते रहे हैं। जो काफी सफल रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजाराम पाल का कहना है कि अभी ऐसी किसी यात्रा की तारीख निर्धारित नहीं है, लेकिन दलितों और अति पिछड़ों को जागरूक करने के लिए कानपुर से बड़ा अभियान शुरू होगा।
शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री का कहना है कि वह पार्टी पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले थे। इस दौरान उनसे कानपुर आने की अपील भी की थी।